दुर्ग जिले में चर्चित जमीन धोखाधड़ी मामले में सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह को बड़ा झटका लगा है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश पी.एस. मरकाम की अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायतकर्ता सुनील कुमार सोमन ने आरोप लगाया है कि शाह दंपत्ति ने ग्राम कोहका स्थित विवादित जमीन को विवादमुक्त बताकर उससे सौदा किया था। शिकायत के मुताबिक 13 मार्च 2023 को 50 लाख रुपए में जमीन बेचने की बात तय हुई थी और आरोपी पक्ष ने 10 लाख रुपए एडवांस के रूप में ले लिए थे। इसके बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।10 लाख लेने के बाद रजिस्ट्री से किया इनकारपीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अभिषेक दास वैष्णव ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने पहले जमीन को पूरी तरह विवादमुक्त बताया, लेकिन बाद में रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसी विवादित जमीन को आधार बनाकर बाद में करीब 4.50 करोड़ रुपए का बैंक लोन भी लिया गया।कोर्ट के निर्देश के बाद सुपेला पुलिस ने संगीता शाह और केतन शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। मामले में धारा 420, 467, 468, 471, 120B सहित अन्य धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है।आरोपी पक्ष ने कहा- राशि वापस कर दी थीसुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपए वापस लौटा दिए गए थे। संगीता शाह की ओर से कहा गया कि 10 अक्टूबर 2024 को यह रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी, लेकिन इस तथ्य को परिवाद में छिपाया गया।आरोपी पक्ष ने यह भी कहा कि जमीन के एवज में लोन लेने की प्रक्रिया बाद में हुई थी। लोन आवेदन 27 सितंबर 2024 को किया गया और अक्टूबर 2024 में राशि स्वीकृत हुई, जबकि शिकायतकर्ता को अग्रिम राशि 30 सितंबर 2024 को ही लौटा दी गई थी। बचाव पक्ष का कहना था कि पूरे मामले को जानबूझकर आपराधिक रंग दिया गया है।संगीता शाह ने अदालत को यह भी बताया कि वे सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उनके पति कंपनी के चेयरमैन हैं। कंपनी से लगभग 10 हजार लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सामाजिक और व्यावसायिक छवि खराब करने के उद्देश्य से यह मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा बेस्ट महिला उद्यमी के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
दुर्ग जिले में चर्चित जमीन धोखाधड़ी मामले में सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह को बड़ा झटका लगा है। अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश पी.एस. मरकाम की अदालत ने दोनों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर प्रकृति का है और आरोपियों को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां शिकायतकर्ता सुनील कुमार सोमन ने आरोप लगाया है कि शाह दंपत्ति ने ग्राम कोहका स्थित विवादित जमीन को विवादमुक्त बताकर उससे सौदा किया था। शिकायत के मुताबिक 13 मार्च 2023 को 50 लाख रुपए में जमीन बेचने की बात तय हुई थी और आरोपी पक्ष ने 10 लाख रुपए एडवांस के रूप में ले लिए थे। इसके बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अभिषेक दास वैष्णव ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने पहले जमीन को पूरी तरह विवादमुक्त बताया, लेकिन बाद में रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसी विवादित जमीन को आधार बनाकर बाद में करीब 4.50 करोड़ रुपए का बैंक लोन भी लिया गया।
कोर्ट के निर्देश के बाद सुपेला पुलिस ने संगीता शाह और केतन शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। मामले में धारा 420, 467, 468, 471, 120B सहित अन्य धाराएं लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है।
सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपए वापस लौटा दिए गए थे। संगीता शाह की ओर से कहा गया कि 10 अक्टूबर 2024 को यह रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी, लेकिन इस तथ्य को परिवाद में छिपाया गया।
आरोपी पक्ष ने यह भी कहा कि जमीन के एवज में लोन लेने की प्रक्रिया बाद में हुई थी। लोन आवेदन 27 सितंबर 2024 को किया गया और अक्टूबर 2024 में राशि स्वीकृत हुई, जबकि शिकायतकर्ता को अग्रिम राशि 30 सितंबर 2024 को ही लौटा दी गई थी। बचाव पक्ष का कहना था कि पूरे मामले को जानबूझकर आपराधिक रंग दिया गया है।
संगीता शाह ने अदालत को यह भी बताया कि वे सिम्पलेक्स कास्टिंग्स लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और उनके पति कंपनी के चेयरमैन हैं। कंपनी से लगभग 10 हजार लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सामाजिक और व्यावसायिक छवि खराब करने के उद्देश्य से यह मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा बेस्ट महिला उद्यमी के पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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