छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पुरैना इलाके में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 18 वर्षीय छात्र शक्ति बिश्नोई की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। शक्ति अपने दोस्तों के साथ मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। शक्ति बिश्नोई 12वीं कक्षा का छात्र था और अपने परिवार का इकलौता बेटा था। बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।प्रत्यक्षदर्शी और शक्ति के दोस्त पार्थ महानंद ने बताया कि शाम के समय सभी दोस्त मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। मौसम सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में बादल घिर आए और हल्की बारिश शुरू हो गई। इसके बाद बच्चे खेल छोड़कर वापस घर लौटने लगे। तभी अचानक तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी और शक्ति उसकी चपेट में आ गया।बिजली गिरते ही शक्ति जमीन पर गिर पड़ा। दोस्तों ने तुरंत आसपास के लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया। सबसे पहले उसे सनसाइन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन और मित्र उसे बी.एम. शाह हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।शक्ति बिश्नोई पुरैना क्षेत्र का निवासी था। वह पढ़ाई में अच्छा छात्र माना जाता था और 12वीं कक्षा में अध्ययनरत था। परिवार के लोगों के अनुसार वह अपने माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र था। पिता संतोष बिश्नोई का वह इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।मामले की जानकारी मिलने पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला स्थित मॉर्चुरी भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।यह घटना एक बार फिर खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक और बारिश के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के आसपास रुकना बेहद खतरनाक हो सकता है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जैसे ही तेज गरज-चमक शुरू हो, तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना चाहिए। खेत, पानी भरे क्षेत्र और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। मोबाइल चार्जिंग, बिजली उपकरण और खुले तारों का उपयोग भी टालना चाहिए।यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाना चाहिए, लेकिन जमीन पर पूरी तरह लेटना नहीं चाहिए। इससे बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है।शक्ति बिश्नोई की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक साधारण क्रिकेट मैच कुछ ही क्षणों में एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दुख बन गया। यह हादसा इस बात की गंभीर चेतावनी है कि खराब मौसम को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पुरैना इलाके में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 18 वर्षीय छात्र शक्ति बिश्नोई की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। शक्ति अपने दोस्तों के साथ मैदान में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गरज-चमक के साथ बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। शक्ति बिश्नोई 12वीं कक्षा का छात्र था और अपने परिवार का इकलौता बेटा था। बेटे की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रत्यक्षदर्शी और शक्ति के दोस्त पार्थ महानंद ने बताया कि शाम के समय सभी दोस्त मैदान में क्रिकेट खेल रहे थे। मौसम सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में बादल घिर आए और हल्की बारिश शुरू हो गई। इसके बाद बच्चे खेल छोड़कर वापस घर लौटने लगे। तभी अचानक तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी और शक्ति उसकी चपेट में आ गया।
बिजली गिरते ही शक्ति जमीन पर गिर पड़ा। दोस्तों ने तुरंत आसपास के लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया। सबसे पहले उसे सनसाइन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन और मित्र उसे बी.एम. शाह हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
शक्ति बिश्नोई पुरैना क्षेत्र का निवासी था। वह पढ़ाई में अच्छा छात्र माना जाता था और 12वीं कक्षा में अध्ययनरत था। परिवार के लोगों के अनुसार वह अपने माता-पिता की उम्मीदों का केंद्र था। पिता संतोष बिश्नोई का वह इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और आसपास के लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुपेला स्थित मॉर्चुरी भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
यह घटना एक बार फिर खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक और बारिश के समय खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के आसपास रुकना बेहद खतरनाक हो सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जैसे ही तेज गरज-चमक शुरू हो, तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना चाहिए। खेत, पानी भरे क्षेत्र और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। मोबाइल चार्जिंग, बिजली उपकरण और खुले तारों का उपयोग भी टालना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति खुले स्थान पर फंस जाए तो दोनों पैरों को साथ रखकर नीचे झुक जाना चाहिए, लेकिन जमीन पर पूरी तरह लेटना नहीं चाहिए। इससे बिजली गिरने की स्थिति में जोखिम कुछ हद तक कम हो सकता है।
शक्ति बिश्नोई की असमय मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। एक साधारण क्रिकेट मैच कुछ ही क्षणों में एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दुख बन गया। यह हादसा इस बात की गंभीर चेतावनी है कि खराब मौसम को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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