पाटन के बेलौदी गांव पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel, कै-दस्त पीड़ितों से मिले; स्वास्थ्य शिविर में लिया हालात का जायजा

दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम बेलौदी में फैले कै-दस्त (डायरिया) के प्रकोप ने पूरे गांव में चिंता का माहौल बना दिया है। सोमवार से शुरू हुई इस स्वास्थ्य समस्या के कारण अब तक 50 से अधिक ग्रामीण बीमार हो चुके हैं। कई मरीजों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ाडीह में चल रहा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और लगातार उपचार के चलते अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल अपने गृह ग्राम बेलौदी पहुंचे। उन्होंने गांव में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए अस्थायी स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर उपचार की जानकारी ली।

भूपेश बघेल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सा कर्मचारियों से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पूछा कि बीमारी फैलने की वजह क्या रही, कितने मरीजों का उपचार जारी है और गांव में किस प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल टीम लगातार गांव में मौजूद है और घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मरीजों को समय पर दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं और स्वच्छ पेयजल तथा साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ग्रामीणों से भी सावधानी बरतने और उबला हुआ पानी पीने की अपील की।

इस दौरान भूपेश बघेल गांव की निवासी सरस्वती निषाद के घर भी पहुंचे। सरस्वती निषाद की इस बीमारी के दौरान मृत्यु हो गई थी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बेलौदी में कै-दस्त के मामलों में तेजी आने के बाद तुरंत मेडिकल टीम तैनात की गई। गांव में अस्थायी स्वास्थ्य शिविर स्थापित किया गया है, जहां डॉक्टर, नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार मरीजों की जांच और उपचार कर रहे हैं। गंभीर मरीजों को पाटन और गाड़ाडीह के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों को ओआरएस घोल, आवश्यक दवाइयां और स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा जल स्रोतों की जांच कराई जा रही है ताकि बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम गांव में साफ-सफाई और जागरूकता अभियान भी चला रही है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल नए मामलों में कमी आई है और अधिकांश मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति में उल्टी, दस्त या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य शिविर या नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।

बेलौदी में फैले इस प्रकोप ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की महत्ता को सामने ला दिया है। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और पूरी तरह सामान्य होने तक मेडिकल टीम गांव में तैनात रहेगी।

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