मदर्स डे के अवसर पर रायपुर महिला जेल की बंदिनियों को एक ऐसी सौगात मिली है, जो उन्हें अपने परिवार से भावनात्मक रूप से जोड़े रखने में मदद करेगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुसार शनिवार, 10 मई 2026 को महिला जेल रायपुर में प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया। इस नई सुविधा के जरिए महिला बंदिनियां अब अपने परिवारजनों और अधिवक्ताओं से वीडियो कॉल के माध्यम से सीधे बातचीत कर सकेंगी।अब तक जेल में बंद महिलाओं को अपने परिजनों से संपर्क के लिए सीमित साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार दूरी, समय और व्यवस्थागत कारणों से मुलाकात संभव नहीं हो पाती थी। नई वीडियो कॉल सुविधा के शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। बंदिनियां अपने परिवार के सदस्यों को देख सकेंगी, उनसे बात कर सकेंगी और अपने बच्चों व परिजनों से भावनात्मक रूप से जुड़ी रह सकेंगी यह सुविधा जेल विभाग और BSNL के बीच हुए एमओयू के तहत स्थापित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे महिला बंदिनियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा। परिवार से नियमित संवाद होने पर तनाव कम होगा और उनमें सुधार की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।मदर्स डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम का वातावरण भावनात्मक रहा। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 बच्चों को उपहार दिए गए। बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली और महिला बंदिनियों ने भी इस पहल के लिए सरकार और जेल प्रशासन का आभार जताया।इसी अवसर पर निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उन्हें सिलाई, कढ़ाई, हस्तकला, पैकेजिंग और अन्य रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण दिए गए हैं, ताकि जेल से रिहा होने के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।वहीं केंद्रीय जेल रायपुर और महिला जेल रायपुर में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम के दौरान कुल 67 बंदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को केवल सजा तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए तैयार करना है।निश्चय कार्यक्रम के तहत बंदियों को काउंसलिंग दी जाती है। उन्हें अपराध बोध, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवन के बारे में बताया जाता है। इसके साथ ही स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिए जाते हैं, जिससे वे जेल से बाहर आने के बाद नई शुरुआत कर सकें। आवश्यकता पड़ने पर बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया गया। यहां बंदियों को बेसिक कंप्यूटर, टाइपिंग, डिजिटल साक्षरता और अन्य तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। आज के दौर में कंप्यूटर ज्ञान रोजगार का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में यह पहल बंदियों के भविष्य को नई दिशा देने में मदद करेगी।
मदर्स डे के अवसर पर रायपुर महिला जेल की बंदिनियों को एक ऐसी सौगात मिली है, जो उन्हें अपने परिवार से भावनात्मक रूप से जोड़े रखने में मदद करेगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुसार शनिवार, 10 मई 2026 को महिला जेल रायपुर में प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ किया गया। इस नई सुविधा के जरिए महिला बंदिनियां अब अपने परिवारजनों और अधिवक्ताओं से वीडियो कॉल के माध्यम से सीधे बातचीत कर सकेंगी।
अब तक जेल में बंद महिलाओं को अपने परिजनों से संपर्क के लिए सीमित साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार दूरी, समय और व्यवस्थागत कारणों से मुलाकात संभव नहीं हो पाती थी। नई वीडियो कॉल सुविधा के शुरू होने से यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। बंदिनियां अपने परिवार के सदस्यों को देख सकेंगी, उनसे बात कर सकेंगी और अपने बच्चों व परिजनों से भावनात्मक रूप से जुड़ी रह सकेंगी यह सुविधा जेल विभाग और BSNL के बीच हुए एमओयू के तहत स्थापित की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इससे महिला बंदिनियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा। परिवार से नियमित संवाद होने पर तनाव कम होगा और उनमें सुधार की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
मदर्स डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम का वातावरण भावनात्मक रहा। जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 बच्चों को उपहार दिए गए। बच्चों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली और महिला बंदिनियों ने भी इस पहल के लिए सरकार और जेल प्रशासन का आभार जताया।
इसी अवसर पर निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। उन्हें सिलाई, कढ़ाई, हस्तकला, पैकेजिंग और अन्य रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण दिए गए हैं, ताकि जेल से रिहा होने के बाद वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
वहीं केंद्रीय जेल रायपुर और महिला जेल रायपुर में आयोजित संयुक्त कार्यक्रम के दौरान कुल 67 बंदियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला बंदिनी और 29 पुरुष बंदी शामिल हैं। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि निश्चय कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को केवल सजा तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए तैयार करना है।
निश्चय कार्यक्रम के तहत बंदियों को काउंसलिंग दी जाती है। उन्हें अपराध बोध, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवन के बारे में बताया जाता है। इसके साथ ही स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण दिए जाते हैं, जिससे वे जेल से बाहर आने के बाद नई शुरुआत कर सकें। आवश्यकता पड़ने पर बैंक ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
केंद्रीय जेल रायपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का भी शुभारंभ किया गया। यहां बंदियों को बेसिक कंप्यूटर, टाइपिंग, डिजिटल साक्षरता और अन्य तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। आज के दौर में कंप्यूटर ज्ञान रोजगार का महत्वपूर्ण साधन है। ऐसे में यह पहल बंदियों के भविष्य को नई दिशा देने में मदद करेगी।
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