छत्तीसगढ़ में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी रायपुर, दुर्ग, भिलाई और अंबिकापुर सहित कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई इलाकों में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। भिलाई और दुर्ग में आंधी-तूफान के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई।मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक बनी ट्रफ लाइन के प्रभाव से प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इस सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है और गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं। विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।शनिवार शाम रायपुर में मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चली, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दुर्ग-भिलाई में भी बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। अंबिकापुर में भी मौसम सुहावना हो गया और तापमान में कमी महसूस की गई।मौसम विभाग के अनुसार 11 मई तक प्रदेश में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने और आंधी-तूफान की तीव्रता कम होने के संकेत हैं। हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ।मौसम में इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
छत्तीसगढ़ में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी रायपुर, दुर्ग, भिलाई और अंबिकापुर सहित कई शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई इलाकों में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। भिलाई और दुर्ग में आंधी-तूफान के बाद हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक बनी ट्रफ लाइन के प्रभाव से प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। इस सिस्टम के कारण वातावरण में नमी बढ़ी है और गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं। विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान, तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है।
शनिवार शाम रायपुर में मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चली, जिसके बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दुर्ग-भिलाई में भी बादल छाए रहे और तेज हवा के साथ हल्की बारिश हुई। अंबिकापुर में भी मौसम सुहावना हो गया और तापमान में कमी महसूस की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 11 मई तक प्रदेश में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने और आंधी-तूफान की तीव्रता कम होने के संकेत हैं। हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ।
मौसम में इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
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