रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नमन जग्गी और आयुष अग्रवाल को सट्टा पैनल उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अंकित अग्रवाल के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने नागपुर से हिरासत में लिया और रायपुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी से पूछताछ में ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।जानकारी के मुताबिक, अंकित अग्रवाल लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़ा हुआ था और मुख्य आरोपियों को तकनीकी सहायता के साथ सट्टा पैनल उपलब्ध कराता था। इसी पैनल के जरिए ऑनलाइन बेटिंग, यूजर आईडी और करोड़ों रुपए के लेन-देन का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस को उसकी तलाश काफी समय से थी।सूत्रों के अनुसार, पुलिस को तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सूचना मिली थी कि आरोपी नागपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद रायपुर पुलिस की टीम ने वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच में जुटी हुई है।अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन सट्टा कारोबार का यह नेटवर्क केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और फर्जी आईडी व बैंक खातों के जरिए कितने करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया।इस मामले में इससे पहले रायपुर पुलिस ने 5 मई को नमन जग्गी और आयुष शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े होने और अवैध बेटिंग नेटवर्क चलाने का आरोप है। पुलिस को शक है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित अग्रवाल इन्हीं दोनों को तकनीकी प्लेटफॉर्म और सट्टा संचालन के लिए पैनल उपलब्ध कराता था।कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर पुलिस ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। साल 2026 में अब तक 15 अलग-अलग मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 67 लाख रुपये नकद, 217 मोबाइल फोन, 20 लैपटॉप, 10 चारपहिया वाहन और 4 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।इससे पहले 17 अप्रैल को रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। उसके साथ 6 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया था और BMW समेत करीब 60 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया था।जांच में सामने आया था कि बाबू खेमानी ने महादेव ऐप की तर्ज पर “3 STUMPS” नाम से ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, वह अपने सोशल मीडिया नेटवर्क और प्रभाव का इस्तेमाल हाई प्रोफाइल सटोरियों तक पहुंच बनाने में करता था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन और फंडिंग चैनल की भी जांच कर रही है।फिलहाल रायपुर पुलिस पूरे सट्टा नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नमन जग्गी और आयुष अग्रवाल को सट्टा पैनल उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अंकित अग्रवाल के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने नागपुर से हिरासत में लिया और रायपुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपी से पूछताछ में ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों और नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक, अंकित अग्रवाल लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा कारोबार से जुड़ा हुआ था और मुख्य आरोपियों को तकनीकी सहायता के साथ सट्टा पैनल उपलब्ध कराता था। इसी पैनल के जरिए ऑनलाइन बेटिंग, यूजर आईडी और करोड़ों रुपए के लेन-देन का पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस को उसकी तलाश काफी समय से थी।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को तकनीकी इनपुट और मोबाइल लोकेशन के आधार पर सूचना मिली थी कि आरोपी नागपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद रायपुर पुलिस की टीम ने वहां दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंकिंग ट्रांजैक्शन की जांच में जुटी हुई है।
अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन सट्टा कारोबार का यह नेटवर्क केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों तक फैला हुआ हो सकता है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और फर्जी आईडी व बैंक खातों के जरिए कितने करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया।
इस मामले में इससे पहले रायपुर पुलिस ने 5 मई को नमन जग्गी और आयुष शर्मा को गिरफ्तार किया था। दोनों पर ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े होने और अवैध बेटिंग नेटवर्क चलाने का आरोप है। पुलिस को शक है कि गिरफ्तार आरोपी अंकित अग्रवाल इन्हीं दोनों को तकनीकी प्लेटफॉर्म और सट्टा संचालन के लिए पैनल उपलब्ध कराता था।
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर पुलिस ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। साल 2026 में अब तक 15 अलग-अलग मामलों में 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 67 लाख रुपये नकद, 217 मोबाइल फोन, 20 लैपटॉप, 10 चारपहिया वाहन और 4 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इससे पहले 17 अप्रैल को रायपुर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार किया था। उसके साथ 6 अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया था और BMW समेत करीब 60 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया था।
जांच में सामने आया था कि बाबू खेमानी ने महादेव ऐप की तर्ज पर “3 STUMPS” नाम से ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट शुरू की थी। पुलिस के मुताबिक, वह अपने सोशल मीडिया नेटवर्क और प्रभाव का इस्तेमाल हाई प्रोफाइल सटोरियों तक पहुंच बनाने में करता था। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन और फंडिंग चैनल की भी जांच कर रही है।
फिलहाल रायपुर पुलिस पूरे सट्टा नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।
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