दुर्ग जिले के नंदिनी माइंस अहिवारा क्षेत्र में रहने वाली 25 वर्षीय शिल्पा गोस्वामी ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने महिला थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि वह चार महीने की गर्भवती है, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सिद्धार्थ गिरी, ससुर ईश्वर गिरी और सास रेखा गोस्वामी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।शिकायत के अनुसार, शिल्पा की शादी 3 नवंबर 2025 को भिलाई के सेक्टर-6 स्थित फ्रंटियर भवन में सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में लड़की पक्ष की ओर से घरेलू सामान, गहने और अन्य उपहार दिए गए थे। हालांकि, शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज को लेकर ताने देना शुरू कर दिया।पीड़िता का आरोप है कि शादी के शुरुआती 15 दिन तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद पति और सास-ससुर का व्यवहार बदल गया। उसे लगातार कहा जाता था कि शादी में पर्याप्त दहेज नहीं मिला। कभी सोने का ब्रेसलेट और चेन नहीं लाने को लेकर ताने दिए जाते, तो कभी कूलर और बड़े टीवी की मांग की जाती थी।शिल्पा ने शिकायत में बताया कि उसका पति सिद्धार्थ गिरी अक्सर उसे अपमानित करता था और कहता था कि “अगर दूसरी जगह शादी होती तो ज्यादा दहेज मिलता।” महिला का आरोप है कि मानसिक प्रताड़ना धीरे-धीरे शारीरिक और भावनात्मक उत्पीड़न में बदल गई।गर्भावस्था के दौरान भी उसे किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। उसने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने न तो उसकी सेहत का ध्यान रखा और न ही दवाइयों की व्यवस्था की। इसके अलावा पति द्वारा गाली-गलौज, तलाक की धमकी और दूसरी शादी करने जैसी बातें भी कही जाती थीं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी गई।विवाद बढ़ने के बाद मामला सेक्टर-6 स्थित महिला परामर्श केंद्र तक पहुंचा। शिल्पा के मुताबिक, सबसे पहले उसके पति ने ही वहां शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई और समझौते के बाद महिला दोबारा ससुराल लौट गई।हालांकि, काउंसलिंग के बाद भी हालात नहीं बदले। 19 अप्रैल 2026 को महिला थाना में अंतिम काउंसलिंग हुई, जिसके बाद पति ने अलग किराए के मकान में रहने की बात कही। इसके बाद दोनों खपरी इलाके में किराए के मकान में रहने लगे, लेकिन वहां भी विवाद जारी रहा।पीड़िता का आरोप है कि 27 अप्रैल की रात पति ने फिर दहेज को लेकर विवाद किया और गाली-गलौज के बाद उसे गर्भवती हालत में अकेला छोड़कर चला गया। अगले दिन उसने अपने भाई को पूरी घटना बताई और धमतरी जिले के ग्राम जुगदेही स्थित मौसी के घर चली गई।महिला का कहना है कि लगातार प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी और आत्महत्या तक सोचने लगी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दुर्ग जिले के नंदिनी माइंस अहिवारा क्षेत्र में रहने वाली 25 वर्षीय शिल्पा गोस्वामी ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और गाली-गलौज के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने महिला थाना भिलाई नगर में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि वह चार महीने की गर्भवती है, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष ने उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सिद्धार्थ गिरी, ससुर ईश्वर गिरी और सास रेखा गोस्वामी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, शिल्पा की शादी 3 नवंबर 2025 को भिलाई के सेक्टर-6 स्थित फ्रंटियर भवन में सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में लड़की पक्ष की ओर से घरेलू सामान, गहने और अन्य उपहार दिए गए थे। हालांकि, शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज को लेकर ताने देना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप है कि शादी के शुरुआती 15 दिन तक सबकुछ सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद पति और सास-ससुर का व्यवहार बदल गया। उसे लगातार कहा जाता था कि शादी में पर्याप्त दहेज नहीं मिला। कभी सोने का ब्रेसलेट और चेन नहीं लाने को लेकर ताने दिए जाते, तो कभी कूलर और बड़े टीवी की मांग की जाती थी।
शिल्पा ने शिकायत में बताया कि उसका पति सिद्धार्थ गिरी अक्सर उसे अपमानित करता था और कहता था कि “अगर दूसरी जगह शादी होती तो ज्यादा दहेज मिलता।” महिला का आरोप है कि मानसिक प्रताड़ना धीरे-धीरे शारीरिक और भावनात्मक उत्पीड़न में बदल गई।
गर्भावस्था के दौरान भी उसे किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिला। उसने आरोप लगाया कि पति और ससुराल वालों ने न तो उसकी सेहत का ध्यान रखा और न ही दवाइयों की व्यवस्था की। इसके अलावा पति द्वारा गाली-गलौज, तलाक की धमकी और दूसरी शादी करने जैसी बातें भी कही जाती थीं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी गई।
विवाद बढ़ने के बाद मामला सेक्टर-6 स्थित महिला परामर्श केंद्र तक पहुंचा। शिल्पा के मुताबिक, सबसे पहले उसके पति ने ही वहां शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई और समझौते के बाद महिला दोबारा ससुराल लौट गई।
हालांकि, काउंसलिंग के बाद भी हालात नहीं बदले। 19 अप्रैल 2026 को महिला थाना में अंतिम काउंसलिंग हुई, जिसके बाद पति ने अलग किराए के मकान में रहने की बात कही। इसके बाद दोनों खपरी इलाके में किराए के मकान में रहने लगे, लेकिन वहां भी विवाद जारी रहा।
पीड़िता का आरोप है कि 27 अप्रैल की रात पति ने फिर दहेज को लेकर विवाद किया और गाली-गलौज के बाद उसे गर्भवती हालत में अकेला छोड़कर चला गया। अगले दिन उसने अपने भाई को पूरी घटना बताई और धमतरी जिले के ग्राम जुगदेही स्थित मौसी के घर चली गई।
महिला का कहना है कि लगातार प्रताड़ना के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी और आत्महत्या तक सोचने लगी थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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