रायपुर डबल मर्डर का नया VIDEO: 2 सालियों की हत्या के बाद मेडिकल स्टोर में फायरिंग, पत्नी बोली- ऐसे हत्यारे को फांसी हो

रायपुर के मोवा इलाके में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर केस में अब एक नया CCTV वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे घटनाक्रम को और भी भयावह बना दिया है। अपनी दो सालियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी जितेंद्र उर्फ जीतू वर्मा भागने की कोशिश में मोवा स्थित एक मेडिकल स्टोर पहुंचा, जहां उसने पिस्टल लहराते हुए एक ग्राहक से गाड़ी की चाबी मांगी और स्टोर के अंदर फायरिंग भी कर दी। हालांकि इस गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ।

CCTV फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी अचानक मेडिकल स्टोर में घुसता है और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल जाती है। कर्मचारी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगते हैं। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद आरोपी फरार होने की फिराक में था और इसी वजह से वह किसी वाहन की तलाश कर रहा था। घटना के कुछ समय बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

यह पूरा मामला मंगलवार 5 मई की रात का है, जब पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोपी जितेंद्र वर्मा अपनी पत्नी खिलेश्वरी और 16 महीने की बेटी से मिलने ससुराल पहुंचा था। वीडियो कॉल पर बच्ची से बात कराने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो कुछ ही मिनटों में खौफनाक हत्याकांड में बदल गया।

घर में मौजूद मां सावित्री बाई के मुताबिक, जितेंद्र जबरन घर के अंदर घुस आया और हॉल में मौजूद गीतांजलि से बहस करने लगा। अचानक उसने कमर से पिस्टल निकाली और गोली चला दी। गोली लगते ही गीतांजलि जमीन पर गिर पड़ी। इसी दौरान दूसरी बेटी दुर्गेश्वरी ऊपर से नीचे आई तो आरोपी ने उस पर भी फायरिंग कर दी। दोनों बहनों की मौके पर ही मौत हो गई।

मां सावित्री बाई ने रोते हुए बताया कि वह हाथ जोड़कर दामाद से बेटियों को छोड़ देने की गुहार लगाती रहीं, लेकिन आरोपी लगातार ट्रिगर दबाता रहा। घर में सिर्फ चीखें, गोलियों की आवाज और खून से सना मंजर रह गया।

घटना के बाद आरोपी की पत्नी खिलेश्वरी ने भी कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि शादी के शुरुआती कुछ साल ठीक रहे, लेकिन नौकरी छूटने के बाद जितेंद्र का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह शराब पीने लगा, मारपीट करता था और शक के चलते प्रताड़ित करता था। खिलेश्वरी ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसकी छोटी बहनों के साथ छेड़खानी करता था और पहले भी कई बार पिस्टल दिखाकर धमका चुका था।

सबसे बड़ा सवाल आरोपी के लाइसेंसी हथियार को लेकर उठ रहा है। पुलिस के अनुसार, जितेंद्र ने वर्ष 2020 में वीआईपी सिक्योरिटी के नाम पर पिस्टल का लाइसेंस लिया था, जो दिसंबर 2026 तक वैध है। अब यह जांच का विषय बन गया है कि हिंसक प्रवृत्ति और विवादित व्यवहार वाले व्यक्ति को आखिर हथियार का लाइसेंस कैसे जारी किया गया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वहीं प्रशासन अब जिले में जारी हथियार लाइसेंसों की समीक्षा की तैयारी में जुट गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है और पत्नी ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

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