खाद संकट पर कांग्रेस का हमला: पहले प्रति एकड़ मिलती थीं 2 बोरी यूरिया, अब सिर्फ 1 बोरी देने की तैयारी- राकेश ठाकुर

दुर्ग जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कमी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जहां किसानों को प्रति एकड़ 2 बोरी यूरिया और 1 बोरी डीएपी दिया जा रहा था, वहीं इस बार उसे घटाकर केवल 1 बोरी यूरिया और 1 बोरी डीएपी देने की तैयारी की जा रही है। इससे किसानों की उत्पादन क्षमता पर सीधा असर पड़ेगा।

बुधवार को राकेश ठाकुर ने अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मुरमुंदा, लिमतरा और नंदौरी का दौरा कर खाद भंडारण और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से चर्चा भी की और समितियों में उपलब्ध खाद के आंकड़ों की जानकारी ली।

राकेश ठाकुर ने बताया कि पिछले वर्ष 1 अप्रैल 2025 से 7 मई 2025 के बीच मुरमुंदा सोसायटी में डीएपी की 323 बोरी, यूरिया की 389 बोरी, सुपर फास्फेट की 124 बोरी और पोटाश की 109 बोरी वितरित की गई थी। इसी तरह लिमतरा सोसायटी में डीएपी की 143 बोरी, यूरिया की 247 बोरी, सुपर फास्फेट की 71 बोरी और पोटाश की 18 बोरी किसानों को दी गई थी। वहीं नंदौरी सोसायटी में डीएपी की 540 बोरी, यूरिया की 733 बोरी, सुपर फास्फेट की 291 बोरी और पोटाश की 155 बोरी का वितरण हुआ था।

उन्होंने कहा कि उस समय भी खाद की उपलब्धता किसानों की जरूरत के हिसाब से कम थी, लेकिन इस वर्ष की स्थिति उससे भी ज्यादा खराब है। 6 मई 2026 तक किसी भी समिति में किसानों को खाद वितरण शुरू नहीं किया गया है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों को उजागर करती है।

दौरे के दौरान किसानों ने भी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने कहा कि हर साल उन्हें खाद के लिए परेशान होना पड़ता है, लेकिन इस बार स्थिति और ज्यादा गंभीर है। अभी तक खाद वितरण शुरू नहीं होने से खरीफ फसल की बुवाई की तैयारी प्रभावित हो रही है। किस

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