दुर्ग में मधुमक्खियों का हमला: छत्ता गिरने से भड़कीं मधुमक्खियां, बुजुर्ग मजदूर की मौत

दुर्ग जिले के गनियारी क्षेत्र में स्थित एक सब्जी फार्म हाउस में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां मधुमक्खियों के हमले से एक बुजुर्ग मजदूर की मौत हो गई। इस घटना से फार्म हाउस में काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया और सभी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 9:30 बजे हुआ, जब फार्म हाउस में कामकाज चल रहा था। फार्म के मैनेजर भाविक टांक को ट्रैक्टर ड्राइवर ने सूचना दी कि एक मजदूर पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया है। मौके पर पहुंचकर देखा गया कि स्थिति बेहद गंभीर है।

बताया जा रहा है कि फार्म हाउस में एक पेड़ की डाल पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था। तेज हवा के कारण अचानक वह छत्ता टूटकर नीचे गिर गया। इससे मधुमक्खियां भड़क गईं और आसपास काम कर रहे मजदूरों पर झुंड बनाकर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।

हमले के दौरान अधिकांश मजदूर और ट्रैक्टर ड्राइवर किसी तरह वहां से भागने में सफल रहे, लेकिन 60 वर्षीय रमेश भोई अपनी शारीरिक स्थिति के कारण तेजी से नहीं भाग सके। मधुमक्खियों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और कई बार डंक मारे, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

फार्म के मैनेजर और अन्य मजदूरों ने रमेश भोई को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। उन पर पानी डाला गया और कंबल से ढककर मधुमक्खियों को दूर भगाने की कोशिश की गई। इसके बाद उन्हें तत्काल रसमढ़ा के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दुर्ग जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

दुर्ग जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रमेश भोई ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से उनके साथ काम करने वाले मजदूरों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है। रमेश भोई मूल रूप से ओडिशा के बलांगीर जिले के निवासी थे और पिछले 12 वर्षों से अपनी पत्नी अष्टमी भोई के साथ गनियारी के रितेश टांक के फार्म हाउस में काम कर रहे थे। दंपती की कोई संतान नहीं है, जिससे यह घटना और भी दुखद बन गई है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि प्राकृतिक कारणों से होने वाली घटनाएं भी कितनी खतरनाक हो सकती हैं। प्रशासन और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में काम करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, खासकर जहां मधुमक्खियों के छत्ते मौजूद हों।

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