पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सामने आई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य की कानून लागू करने वाली एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को रोका जाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिल रही हिंसा की खबरों पर गंभीर चिंता जताई है। खासकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटनाओं के बाद आयोग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने साफ किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की करीब 500 कंपनियां तैनात की गई हैं। चुनाव आयोग ने इन बलों और स्थानीय पुलिस को सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या गैर-कानूनी गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1800-345-0008 पर दें।इधर, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव में जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ता हिंसा पर उतर आए हैं और जानबूझकर टीएमसी के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं। टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया है कि बीरभूम, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे इलाकों में उनके कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए हैं।टीएमसी ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर उनके कार्यकर्ताओं की हत्या तक कर दी गई और कई जगह पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया है कि राज्य में तैनात केंद्रीय बल ऐसी घटनाओं
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सामने आई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य की कानून लागू करने वाली एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी हाल में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को रोका जाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिल रही हिंसा की खबरों पर गंभीर चिंता जताई है। खासकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आग लगाने की घटनाओं के बाद आयोग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने साफ किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से ही सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की करीब 500 कंपनियां तैनात की गई हैं। चुनाव आयोग ने इन बलों और स्थानीय पुलिस को सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की हिंसा या गैर-कानूनी गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1800-345-0008 पर दें।
इधर, इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव में जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ता हिंसा पर उतर आए हैं और जानबूझकर टीएमसी के कार्यालयों और कार्यकर्ताओं को निशाना बना रहे हैं। टीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया है कि बीरभूम, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे इलाकों में उनके कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए हैं।
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर उनके कार्यकर्ताओं की हत्या तक कर दी गई और कई जगह पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया है कि राज्य में तैनात केंद्रीय बल ऐसी घटनाओं
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