दुर्ग/भिलाई। सेक्टर-2 स्थित राजेश पटेल स्टेडियम एक बार फिर खेल प्रतिभा का केंद्र बनकर सामने आया है। यहां की बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने वाराणसी में आयोजित सीनियर स्तर के टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि यह जीत सीनियर खिलाड़ियों ने नहीं, बल्कि जूनियर और यूथ वर्ग की बेटियों ने हासिल की, जिन्होंने अनुभवी टीमों को हराकर नया कीर्तिमान बनाया।पटेल अकादमी की इन बालिकाओं ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। लीग मुकाबलों में टीम ने हर प्रतिद्वंद्वी को 5 से 10 अंकों के अंतर से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। हर मैच में खिलाड़ियों का तालमेल, आत्मविश्वास और रणनीति साफ नजर आई।फाइनल मुकाबले में भिलाई की टीम का सामना बनारस की मजबूत टीम से हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हालांकि निर्णायक क्षणों में भिलाई की बेटियों ने संयम और सटीक खेल दिखाते हुए 5 अंकों से जीत दर्ज की और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।टीम की खिलाड़ी और नेशनल प्लेयर अंतरा राव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में अंडर-17 वर्ग की टीम ने हिस्सा लिया था, जबकि इसमें देशभर से स्कूल और कॉलेज की करीब 14 से 15 टीमें शामिल हुई थीं। इसके बावजूद टीम ने हर मुकाबले में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि इस जीत के पीछे टीमवर्क और आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत रही।कोच रोहित पटेल ने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी रोज सुबह-शाम नियमित अभ्यास करते हैं, जिसका नतीजा आज सामने आया है। कोच के मुताबिक, टीम का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है और आने वाले समय में ये खिलाड़ी नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।इस जीत के साथ टीम को 21 हजार रुपए की प्राइज मनी भी दी गई है। भिलाई की इन बेटियों की सफलता ने न सिर्फ शहर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि अगर सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत हो, तो कम उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। भिलाई की इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती।
दुर्ग/भिलाई। सेक्टर-2 स्थित राजेश पटेल स्टेडियम एक बार फिर खेल प्रतिभा का केंद्र बनकर सामने आया है। यहां की बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने वाराणसी में आयोजित सीनियर स्तर के टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। खास बात यह रही कि यह जीत सीनियर खिलाड़ियों ने नहीं, बल्कि जूनियर और यूथ वर्ग की बेटियों ने हासिल की, जिन्होंने अनुभवी टीमों को हराकर नया कीर्तिमान बनाया।
पटेल अकादमी की इन बालिकाओं ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। लीग मुकाबलों में टीम ने हर प्रतिद्वंद्वी को 5 से 10 अंकों के अंतर से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। हर मैच में खिलाड़ियों का तालमेल, आत्मविश्वास और रणनीति साफ नजर आई।
फाइनल मुकाबले में भिलाई की टीम का सामना बनारस की मजबूत टीम से हुआ। मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हालांकि निर्णायक क्षणों में भिलाई की बेटियों ने संयम और सटीक खेल दिखाते हुए 5 अंकों से जीत दर्ज की और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
टीम की खिलाड़ी और नेशनल प्लेयर अंतरा राव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में अंडर-17 वर्ग की टीम ने हिस्सा लिया था, जबकि इसमें देशभर से स्कूल और कॉलेज की करीब 14 से 15 टीमें शामिल हुई थीं। इसके बावजूद टीम ने हर मुकाबले में जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि इस जीत के पीछे टीमवर्क और आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत रही।
कोच रोहित पटेल ने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और अनुशासन को दिया। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी रोज सुबह-शाम नियमित अभ्यास करते हैं, जिसका नतीजा आज सामने आया है। कोच के मुताबिक, टीम का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है और आने वाले समय में ये खिलाड़ी नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकती हैं।
इस जीत के साथ टीम को 21 हजार रुपए की प्राइज मनी भी दी गई है। भिलाई की इन बेटियों की सफलता ने न सिर्फ शहर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
यह उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि अगर सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत हो, तो कम उम्र में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। भिलाई की इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती।
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