दुर्ग। जिले में फर्जी सिम कार्ड के जरिए हो रही संगठित धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा हुआ है। नेवई थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कमीशन के आधार पर सिम कार्ड बेचकर अवैध लेन-देन को अंजाम दे रहे थे। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।पुलिस के मुताबिक, 3 मई को रिसाली बस्ती निवासी 19 वर्षीय आयुष ताम्रकार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित ने उसे विश्वास में लेकर उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और वापस नहीं किया। जांच में सामने आया कि आरोपी टी. भार्गव राव ने आयुष को मोबाइल दुकान ले जाकर उसके नाम से सिम निकलवाया और उसे अपने पास रख लिया।इसके बाद इस सिम कार्ड को एक-एक कर ज्यादा कीमत में अन्य आरोपियों को बेचा गया। इस तरह आरोपियों ने एक पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया, जिसके जरिए अवैध आर्थिक लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर 4 मई को सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपियों में टी. भार्गव राव, ज्ञानेश मंडावी, हर्षित साहू और दीपक प्रजापति शामिल हैं। इनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग धोखाधड़ी में किया जा रहा था। वहीं, इस मामले में फैजान कुरैशी नामक आरोपी फरार है।पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं में अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच जारी है।पुलिस की अपील:दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम से सिम कार्ड या अन्य दस्तावेज किसी को भी उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना आपको कानूनी परेशानी में डाल सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
दुर्ग। जिले में फर्जी सिम कार्ड के जरिए हो रही संगठित धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा हुआ है। नेवई थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो कमीशन के आधार पर सिम कार्ड बेचकर अवैध लेन-देन को अंजाम दे रहे थे। मामले में एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, 3 मई को रिसाली बस्ती निवासी 19 वर्षीय आयुष ताम्रकार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित ने उसे विश्वास में लेकर उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और वापस नहीं किया। जांच में सामने आया कि आरोपी टी. भार्गव राव ने आयुष को मोबाइल दुकान ले जाकर उसके नाम से सिम निकलवाया और उसे अपने पास रख लिया।
इसके बाद इस सिम कार्ड को एक-एक कर ज्यादा कीमत में अन्य आरोपियों को बेचा गया। इस तरह आरोपियों ने एक पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया, जिसके जरिए अवैध आर्थिक लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर 4 मई को सभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में टी. भार्गव राव, ज्ञानेश मंडावी, हर्षित साहू और दीपक प्रजापति शामिल हैं। इनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनका उपयोग धोखाधड़ी में किया जा रहा था। वहीं, इस मामले में फैजान कुरैशी नामक आरोपी फरार है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS की धाराओं में अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस की अपील:दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम से सिम कार्ड या अन्य दस्तावेज किसी को भी उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना आपको कानूनी परेशानी में डाल सकता है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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