दुर्ग जिले के रिसाली-भिलाई क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) कर्मचारी से उनकी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए गए। आरोपी ने खुद को तहसीलदार बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और धीरे-धीरे रकम ऐंठ ली। मामले में नेवई थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, रिसाली के दशहरा मैदान के पास रहने वाले 61 वर्षीय भूषण प्रसाद वर्मा की मुलाकात जिला न्यायालय दुर्ग में राहुल कुमार वर्मा नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को सूरजपुर जिले का तहसीलदार बताया और सरकारी सिस्टम में अपनी मजबूत पकड़ होने का दावा किया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने उस पर भरोसा कर लिया।कुछ समय बाद आरोपी ने भूषण वर्मा की बेटी मितेश्वरी वर्मा को रायपुर मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नौकरी दिलाने का लालच दिया। उसने ‘सेटिंग’ और ‘प्रोसेसिंग’ के नाम पर पैसे की मांग शुरू की। सरकारी नौकरी की उम्मीद में परिवार आरोपी के झांसे में आ गया और रकम देने के लिए तैयार हो गया।7 अक्टूबर 2025 को आरोपी खुद पीड़ित के घर पहुंचा और नकद 1 लाख 50 हजार रुपए लेकर चला गया। इसके बाद भी उसने पैसे की मांग जारी रखी। 10 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने मितेश्वरी वर्मा के पेटीएम के माध्यम से 1 लाख रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा 26 नवंबर 2025 को 20 हजार रुपए और ट्रांसफर कराए गए। इस तरह आरोपी ने कुल 2 लाख 70 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया।काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी से संबंधित कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो परिवार को शक हुआ। आरोपी लगातार बहाने बनाने लगा और धीरे-धीरे संपर्क भी कम कर दिया। तब पीड़ित को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।इस मामले में एक अहम सबूत भी सामने आया है। पीड़ित ने बताया कि जब आरोपी उनके घर आया था, तब उन्होंने उसका फोटो अपने मोबाइल में खींच लिया था। उसी फोटो का प्रिंटआउट और
दुर्ग जिले के रिसाली-भिलाई क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक रिटायर्ड भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) कर्मचारी से उनकी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2 लाख 70 हजार रुपए ठग लिए गए। आरोपी ने खुद को तहसीलदार बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और धीरे-धीरे रकम ऐंठ ली। मामले में नेवई थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, रिसाली के दशहरा मैदान के पास रहने वाले 61 वर्षीय भूषण प्रसाद वर्मा की मुलाकात जिला न्यायालय दुर्ग में राहुल कुमार वर्मा नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को सूरजपुर जिले का तहसीलदार बताया और सरकारी सिस्टम में अपनी मजबूत पकड़ होने का दावा किया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने उस पर भरोसा कर लिया।
कुछ समय बाद आरोपी ने भूषण वर्मा की बेटी मितेश्वरी वर्मा को रायपुर मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नौकरी दिलाने का लालच दिया। उसने ‘सेटिंग’ और ‘प्रोसेसिंग’ के नाम पर पैसे की मांग शुरू की। सरकारी नौकरी की उम्मीद में परिवार आरोपी के झांसे में आ गया और रकम देने के लिए तैयार हो गया।
7 अक्टूबर 2025 को आरोपी खुद पीड़ित के घर पहुंचा और नकद 1 लाख 50 हजार रुपए लेकर चला गया। इसके बाद भी उसने पैसे की मांग जारी रखी। 10 अक्टूबर 2025 को आरोपी ने मितेश्वरी वर्मा के पेटीएम के माध्यम से 1 लाख रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके अलावा 26 नवंबर 2025 को 20 हजार रुपए और ट्रांसफर कराए गए। इस तरह आरोपी ने कुल 2 लाख 70 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया।
काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी से संबंधित कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो परिवार को शक हुआ। आरोपी लगातार बहाने बनाने लगा और धीरे-धीरे संपर्क भी कम कर दिया। तब पीड़ित को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं।
इस मामले में एक अहम सबूत भी सामने आया है। पीड़ित ने बताया कि जब आरोपी उनके घर आया था, तब उन्होंने उसका फोटो अपने मोबाइल में खींच लिया था। उसी फोटो का प्रिंटआउट और
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