भिलाई के पास उतई क्षेत्र में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 30 अप्रैल की रात ड्यूटी पर तैनात एक युवक को तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान विजय बघेल के रूप में हुई है, जो प्रोजेक्ट में गाड़ी एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था।जानकारी के अनुसार, विजय बघेल उतई के खोपली रोड पर सड़क किनारे अपनी ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक हाईवा (क्रमांक CG07CD1808) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और परिजनों को दी।मृतक के बड़े भाई दुर्गेश बघेल ने उतई थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनका भाई अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से कर रहा था और उसकी कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि वाहन चालक लापरवाही से तेज गति में गाड़ी चला रहा था, जिससे वह नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खड़े विजय को अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पुलिस ने मामले में चालक रुपेश ठाकुर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस हादसे के बाद भारतमाला प्रोजेक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। वहां न तो स्पीड कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम थे और न ही चेतावनी संकेत बोर्ड या निगरानी की उचित व्यवस्था थी। ऐसे में यह हादसा कहीं न कहीं लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है।हादसे के बाद प्रोजेक्ट से जुड़ी एसएमएस कंपनी के एचआर मैनेजर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें तत्काल 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। साथ ही कंपनी ने अतिरिक्त 5 लाख रुपए मुआवजा देने का वादा किया है। इसके अलावा बीमा की राशि भी जल्द ही परिजनों को दिए जाने की बात कही गई है।फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण स्थलों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और कंपनी इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
भिलाई के पास उतई क्षेत्र में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 30 अप्रैल की रात ड्यूटी पर तैनात एक युवक को तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान विजय बघेल के रूप में हुई है, जो प्रोजेक्ट में गाड़ी एंट्री ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था।
जानकारी के अनुसार, विजय बघेल उतई के खोपली रोड पर सड़क किनारे अपनी ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक हाईवा (क्रमांक CG07CD1808) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और परिजनों को दी।
मृतक के बड़े भाई दुर्गेश बघेल ने उतई थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनका भाई अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से कर रहा था और उसकी कोई गलती नहीं थी। उन्होंने कहा कि वाहन चालक लापरवाही से तेज गति में गाड़ी चला रहा था, जिससे वह नियंत्रण खो बैठा और सड़क किनारे खड़े विजय को अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामले में चालक रुपेश ठाकुर के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद भारतमाला प्रोजेक्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। वहां न तो स्पीड कंट्रोल के पुख्ता इंतजाम थे और न ही चेतावनी संकेत बोर्ड या निगरानी की उचित व्यवस्था थी। ऐसे में यह हादसा कहीं न कहीं लापरवाही का परिणाम माना जा रहा है।
हादसे के बाद प्रोजेक्ट से जुड़ी एसएमएस कंपनी के एचआर मैनेजर ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें तत्काल 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। साथ ही कंपनी ने अतिरिक्त 5 लाख रुपए मुआवजा देने का वादा किया है। इसके अलावा बीमा की राशि भी जल्द ही परिजनों को दिए जाने की बात कही गई है।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क निर्माण स्थलों पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन और कंपनी इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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