भिलाई निगम में भ्रष्टाचार का आरोप: बीजेपी का हल्ला बोल, 4 मई को घेराव-प्रदर्शन का ऐलान

भिलाई नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। जिला भाजपा कार्यालय भिलाई में आयोजित एक अहम बैठक में पार्टी पार्षदों और पदाधिकारियों ने निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए 4 मई को निगम घेराव और जोरदार प्रदर्शन का ऐलान किया है। इस बैठक में बड़ी संख्या में पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।

बैठक के दौरान भाजपा द्वारा गठित 6 सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस समिति में श्याम सुंदर राव को संयोजक बनाया गया है, जबकि महेश वर्मा, भोजराज सिन्हा, दया सिंह, पीयूष मिश्रा और वीणा चंद्राकर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति ने अपनी जांच में निगम में कई आर्थिक अनियमितताओं और संदिग्ध फैसलों की ओर इशारा किया है।

रिपोर्ट में खासतौर पर शिक्षा उपकर की राशि के उपयोग, 1248 भूखंडों की नीलामी से प्राप्त धनराशि, संजय नगर तालाब के पास की जमीन की नीलामी और निगम के नियमों के विरुद्ध जाकर किए गए कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं। समिति का आरोप है कि इन मामलों में पारदर्शिता की कमी है और वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

बैठक में भाजपा पार्षदों ने महापौर नीरज पाल और निगम आयुक्त पर सीधा हमला बोलते हुए दोनों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। पार्षदों का कहना है कि निगम में हो रही गड़बड़ियों के पीछे शीर्ष स्तर पर समन्वय की कमी नहीं, बल्कि सांठगांठ है, जिसके कारण जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

जिला भाजपा अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि संगठन को लगातार पार्षदों और आम नागरिकों से शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद इस मामले को गंभीरता से लिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अब अधिकारियों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरेगी।

प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला संगठन प्रभारी रामजी भारती ने भी निगम प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में शहर में पानी की भारी किल्लत, सफाई व्यवस्था की बदहाली और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं चरम पर हैं, लेकिन निगम प्रशासन इन पर ध्यान नहीं दे रहा है।

बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 4 मई को भिलाई नगर निगम का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन की अगुवाई भाजपा की 6 सदस्यीय समिति करेगी। बैठक के बाद सभी कार्यकर्ता और पार्षद आंदोलन की तैयारियों में जुट गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में निगम प्रशासन और भाजपा के बीच टकराव और तेज हो

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *