दुर्ग में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक ‘बोरे बासी’ खाकर श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं और इस दिन को खास अंदाज में मनाया। दुर्ग स्थित राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने ‘बोरे बासी दिवस’ मनाते हुए इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और श्रमिक वर्ग की पहचान बताया।भूपेश बघेल ने कहा कि ‘बोरे बासी’ छत्तीसगढ़ के किसान और मजदूर वर्ग का पारंपरिक भोजन है, जिसे उनकी सरकार ने विशेष पहचान दिलाई थी। उन्होंने इसे गर्मी के मौसम में ‘अमृत’ बताते हुए कहा कि इसमें भरपूर पोषण और विटामिन होते हैं, जो शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करते हैं। बघेल ने इस परंपरा को आगे भी बनाए रखने की अपील की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, धीरज बाकलीवाल, राकेश ठाकुर समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और सभी ने मिलकर बोरे बासी का आनंद लिया।कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुशासन के नाम पर प्रदेश में अव्यवस्था फैली हुई है। बघेल ने कहा कि राज्य में जगह-जगह शराब की दुकानें खोली जा रही हैं, लेकिन लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है।पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मजदूरों को काम नहीं मिल रहा और युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यही हालात हैं, तो इसे सुशासन कैसे कहा जा सकता है। उनके इस बयान को प्रदेश की राजनीति में एक बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा है।चुनावी परिदृश्य को लेकर भी भूपेश बघेल ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है और कई राज्यों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और असम जैसे राज्यों में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए।इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार का संचालन राज्य से बाहर, दिल्ली या अहमदाबाद से हो रहा है, जिससे प्रदेश की जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। बघेल ने कहा कि जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
दुर्ग में अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पारंपरिक ‘बोरे बासी’ खाकर श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं और इस दिन को खास अंदाज में मनाया। दुर्ग स्थित राजीव भवन में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने ‘बोरे बासी दिवस’ मनाते हुए इसे छत्तीसगढ़ की संस्कृति और श्रमिक वर्ग की पहचान बताया।
भूपेश बघेल ने कहा कि ‘बोरे बासी’ छत्तीसगढ़ के किसान और मजदूर वर्ग का पारंपरिक भोजन है, जिसे उनकी सरकार ने विशेष पहचान दिलाई थी। उन्होंने इसे गर्मी के मौसम में ‘अमृत’ बताते हुए कहा कि इसमें भरपूर पोषण और विटामिन होते हैं, जो शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करते हैं। बघेल ने इस परंपरा को आगे भी बनाए रखने की अपील की। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, धीरज बाकलीवाल, राकेश ठाकुर समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे और सभी ने मिलकर बोरे बासी का आनंद लिया।
कार्यक्रम के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार के ‘सुशासन तिहार’ पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सुशासन के नाम पर प्रदेश में अव्यवस्था फैली हुई है। बघेल ने कहा कि राज्य में जगह-जगह शराब की दुकानें खोली जा रही हैं, लेकिन लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मजदूरों को काम नहीं मिल रहा और युवा बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर यही हालात हैं, तो इसे सुशासन कैसे कहा जा सकता है। उनके इस बयान को प्रदेश की राजनीति में एक बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा है।
चुनावी परिदृश्य को लेकर भी भूपेश बघेल ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में कांग्रेस की स्थिति मजबूत है और कई राज्यों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने केरल, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और असम जैसे राज्यों में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए।
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार का संचालन राज्य से बाहर, दिल्ली या अहमदाबाद से हो रहा है, जिससे प्रदेश की जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। बघेल ने कहा कि जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है और आने वाले समय में इसका जवाब देगी।
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