भिलाई के स्मृति नगर चौकी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां छत्तीसगढ़ प्रथम वाहिनी बटालियन कॉलोनी में रहने वाले डीएसपी रैंक के अधिकारी के बेटे ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान 20 वर्षीय आयुष झारिया के रूप में हुई है, जो रुंगटा कॉलेज का छात्र था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।जानकारी के अनुसार, आयुष के पिता संतोष झारिया, जो डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं, गुरुवार को विधानसभा ड्यूटी पर गए हुए थे। वहीं आयुष की मां और बहन जबलपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। घर में आयुष अकेला था। रात में जब संतोष झारिया अपनी ड्यूटी से लौटे, तो उन्होंने रोज की तरह बेटे को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं आया, तो उन्हें चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा, जहां उनका बेटा आयुष फांसी के फंदे पर लटका हुआ नजर आया। यह दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों, दोस्तों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयुष एक छात्र था और पढ़ाई कर रहा था। शुरुआती तौर पर ऐसा कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, जिससे यह समझा जा सके कि उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। मोबाइल, सोशल मीडिया और अन्य व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच की जा रही है।इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की अहमियत को उजागर किया है। अचानक हुए इस हादसे ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।
भिलाई के स्मृति नगर चौकी क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां छत्तीसगढ़ प्रथम वाहिनी बटालियन कॉलोनी में रहने वाले डीएसपी रैंक के अधिकारी के बेटे ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान 20 वर्षीय आयुष झारिया के रूप में हुई है, जो रुंगटा कॉलेज का छात्र था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, आयुष के पिता संतोष झारिया, जो डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं, गुरुवार को विधानसभा ड्यूटी पर गए हुए थे। वहीं आयुष की मां और बहन जबलपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। घर में आयुष अकेला था। रात में जब संतोष झारिया अपनी ड्यूटी से लौटे, तो उन्होंने रोज की तरह बेटे को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं आया, तो उन्हें चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा, जहां उनका बेटा आयुष फांसी के फंदे पर लटका हुआ नजर आया। यह दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई की गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों, दोस्तों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आयुष एक छात्र था और पढ़ाई कर रहा था। शुरुआती तौर पर ऐसा कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, जिससे यह समझा जा सके कि उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। मोबाइल, सोशल मीडिया और अन्य व्यक्तिगत पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की अहमियत को उजागर किया है। अचानक हुए इस हादसे ने न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।
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