1. अचानक तूफान बना काल, 40 से ज्यादा लोग थे सवारमध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब पर्यटन विभाग का क्रूज तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया। हादसा दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुआ, जब क्रूज किनारे से लगभग 300 मीटर दूर था। उस वक्त क्रूज में 40 से 45 पर्यटक सवार थे। अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पानी में समा गया।अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के अनुसार अभी भी 9 से ज्यादा लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।🔹 2. मां-बेटे की दर्दनाक कहानी, बचाव में जुटी सेनाहादसे के बाद सबसे भावुक करने वाली तस्वीर दिल्ली से आए एक परिवार की सामने आई। मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की मौत हो गई। मां ने अपने बेटे को लाइफ जैकेट के भीतर सीने से इस कदर चिपकाकर रखा था कि दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। यह दृश्य देख रेस्क्यू टीम भी भावुक हो गई।इस हादसे के बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। SDRF के साथ-साथ सेना, पैरामिलिट्री और अन्य स्पेशल टीमें मौके पर तैनात हैं। हैदराबाद से हेलिकॉप्टर और कोलकाता से विशेष टीम भी पहुंच चुकी है। करीब 20 फीट गहरे पानी में डूबे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक मशीनों और पोकलेन की मदद ली जा रही है। खराब मौसम और अंधेरे के कारण गुरुवार रात राहत कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन शुक्रवार सुबह से दोबारा ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।🔹 3. सुरक्षा पर सवाल, 20 साल पुराना था क्रूजहादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्रूज के पायलट महेश, जिनके पास 10 साल का अनुभव है, ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन तूफान इतना अचानक और तेज था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।वहीं पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि यह क्रूज साल 2006 में बना था और इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। फिलहाल डैम में सिर्फ एक ही क्रूज ऑपरेट हो रहा था, जबकि दूसरा खराब पड़ा है।घटना के बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनका बयान विवादों में आ गया। उन्होंने कहा कि उन्हें नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर प्रतिबंध की जानकारी नहीं है।इस दर्दनाक हादसे में जिन 9 लोगों की मौत हुई है, उनमें 8 महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा शामिल है। प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटा है, जबकि पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब पर्यटन विभाग का क्रूज तेज आंधी की चपेट में आकर डूब गया। हादसा दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुआ, जब क्रूज किनारे से लगभग 300 मीटर दूर था। उस वक्त क्रूज में 40 से 45 पर्यटक सवार थे। अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के कारण क्रूज अनियंत्रित होकर पानी में समा गया।अब तक 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के अनुसार अभी भी 9 से ज्यादा लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
हादसे के बाद सबसे भावुक करने वाली तस्वीर दिल्ली से आए एक परिवार की सामने आई। मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की मौत हो गई। मां ने अपने बेटे को लाइफ जैकेट के भीतर सीने से इस कदर चिपकाकर रखा था कि दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले। यह दृश्य देख रेस्क्यू टीम भी भावुक हो गई।इस हादसे के बाद बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। SDRF के साथ-साथ सेना, पैरामिलिट्री और अन्य स्पेशल टीमें मौके पर तैनात हैं। हैदराबाद से हेलिकॉप्टर और कोलकाता से विशेष टीम भी पहुंच चुकी है। करीब 20 फीट गहरे पानी में डूबे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक मशीनों और पोकलेन की मदद ली जा रही है। खराब मौसम और अंधेरे के कारण गुरुवार रात राहत कार्य प्रभावित हुआ, लेकिन शुक्रवार सुबह से दोबारा ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्रूज के पायलट महेश, जिनके पास 10 साल का अनुभव है, ने बताया कि सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन तूफान इतना अचानक और तेज था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।वहीं पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया कि यह क्रूज साल 2006 में बना था और इसकी क्षमता 60 यात्रियों की थी। फिलहाल डैम में सिर्फ एक ही क्रूज ऑपरेट हो रहा था, जबकि दूसरा खराब पड़ा है।घटना के बाद प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उनका बयान विवादों में आ गया। उन्होंने कहा कि उन्हें नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर प्रतिबंध की जानकारी नहीं है।
इस दर्दनाक हादसे में जिन 9 लोगों की मौत हुई है, उनमें 8 महिलाएं और एक 4 साल का बच्चा शामिल है। प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटा है, जबकि पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
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