🔹 फर्जी नियुक्ति पत्र से ठगी का जालभिलाई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और Bhilai Steel Plant (बीएसपी) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों का विश्वास जीतता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कुल 4 लोगों से अलग-अलग समय पर 16 लाख 15 हजार रुपए की ठगी की।🔹 पीड़िता की शिकायत पर खुलासामामले का खुलासा तब हुआ जब 28 अप्रैल 2026 को तितुरडीह निवासी उपासना देशमुख ने Bhilai Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए और बदले में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए।शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 और 471 (कूटरचना व फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।🔹 पुलिस की कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तारजांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को चिन्हित किया। 29 अप्रैल 2026 को आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर (उम्र 34 वर्ष), निवासी हुडको भिलाई को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने फर्जी जॉइनिंग लेटर और दस्तावेज तैयार कर लोगों से पैसे ऐंठने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, दस्तावेजी साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है।🔹 ऐसे करता था ठगीपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंडियन कॉफी हाउस सेक्टर-09 भिलाई, हुडको क्षेत्र और रायपुर मंत्रालय जैसे स्थानों पर लोगों से मुलाकात करता था। वह खुद को प्रभावशाली संपर्कों वाला व्यक्ति बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाता था।विश्वास जीतने के बाद वह एडवांस रकम लेता और बाद में फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर गायब हो जाता था।🔹 पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। सरकारी नौकरी से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और विभागीय माध्यमों से ही प्राप्त करें।पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार होता है या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
भिलाई में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और Bhilai Steel Plant (बीएसपी) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। आरोपी फर्जी नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर पीड़ितों का विश्वास जीतता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कुल 4 लोगों से अलग-अलग समय पर 16 लाख 15 हजार रुपए की ठगी की।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 28 अप्रैल 2026 को तितुरडीह निवासी उपासना देशमुख ने Bhilai Nagar Police Station में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए और बदले में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए।शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 और 471 (कूटरचना व फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को चिन्हित किया। 29 अप्रैल 2026 को आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर (उम्र 34 वर्ष), निवासी हुडको भिलाई को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में आरोपी ने फर्जी जॉइनिंग लेटर और दस्तावेज तैयार कर लोगों से पैसे ऐंठने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, दस्तावेजी साक्ष्य और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंडियन कॉफी हाउस सेक्टर-09 भिलाई, हुडको क्षेत्र और रायपुर मंत्रालय जैसे स्थानों पर लोगों से मुलाकात करता था। वह खुद को प्रभावशाली संपर्कों वाला व्यक्ति बताकर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाता था।विश्वास जीतने के बाद वह एडवांस रकम लेता और बाद में फर्जी जॉइनिंग लेटर देकर गायब हो जाता था।
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें। सरकारी नौकरी से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और विभागीय माध्यमों से ही प्राप्त करें।पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार होता है या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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