1. नशे में युवक को बनाया निशाना, जेब से निकाले पैसेग्राम करहीडीह में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। 25 अप्रैल की रात रामनारायण निषाद अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। कुछ देर बाद उसके साथी वहां से चले गए, लेकिन वह नशे की हालत में वहीं लेटा रहा। इसी दौरान आरोपी योगेंद्र निषाद उर्फ बाठू अपने एक नाबालिग साथी के साथ मौके पर पहुंचा। दोनों की नजर रामनारायण की जेब में रखे पैसों पर पड़ी। लालच में आकर उन्होंने उसकी जेब से 2400 रुपए निकालने की कोशिश की।लेकिन इसी दौरान रामनारायण को होश आ गया और उसने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद वहां विवाद शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया।🟨 2. खेत में ले जाकर पत्थर से कुचल दिया सिरपुलिस के अनुसार विवाद के बाद आरोपी योगेंद्र और उसके नाबालिग साथी ने मिलकर रामनारायण के साथ बेरहमी से मारपीट की। पहले उसे हाथ-मुक्कों से पीटा गया। जब वह कमजोर पड़ गया तो दोनों ने उसके पैर गमछे से बांध दिए और उसे घसीटते हुए खेत की ओर ले गए।खेत में पहुंचने के बाद आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने बड़े पत्थर से रामनारायण का सिर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।अगले दिन यानी 26 अप्रैल को पुलिस को शव बरामद हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई।🟨 3. मां ने जलाए खून से सने कपड़े, पुलिस ने किया गिरफ्तारजांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया। शुरुआत में आरोपियों के नाबालिग होने की बात सामने आई थी, लेकिन दस्तावेजों की जांच में मुख्य आरोपी योगेंद्र बालिग निकला। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।पुलिस ने आरोपी के पास से खून से सना तकिया और लूटे गए पैसों का कुछ हिस्सा बरामद किया है। मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ—आरोपी की मां सावित्री निषाद ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। उसने खून से सने कपड़े और जूते जला दिए थे, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके।पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेंद्र निषाद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में उसकी मां सावित्री निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली रकम के लालच में इंसान किस हद तक गिर सकता है।
ग्राम करहीडीह में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। 25 अप्रैल की रात रामनारायण निषाद अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहा था। कुछ देर बाद उसके साथी वहां से चले गए, लेकिन वह नशे की हालत में वहीं लेटा रहा। इसी दौरान आरोपी योगेंद्र निषाद उर्फ बाठू अपने एक नाबालिग साथी के साथ मौके पर पहुंचा। दोनों की नजर रामनारायण की जेब में रखे पैसों पर पड़ी। लालच में आकर उन्होंने उसकी जेब से 2400 रुपए निकालने की कोशिश की।
लेकिन इसी दौरान रामनारायण को होश आ गया और उसने आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद वहां विवाद शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गया।
पुलिस के अनुसार विवाद के बाद आरोपी योगेंद्र और उसके नाबालिग साथी ने मिलकर रामनारायण के साथ बेरहमी से मारपीट की। पहले उसे हाथ-मुक्कों से पीटा गया। जब वह कमजोर पड़ गया तो दोनों ने उसके पैर गमछे से बांध दिए और उसे घसीटते हुए खेत की ओर ले गए।
खेत में पहुंचने के बाद आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने बड़े पत्थर से रामनारायण का सिर कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
अगले दिन यानी 26 अप्रैल को पुलिस को शव बरामद हुआ, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा कर दिया। शुरुआत में आरोपियों के नाबालिग होने की बात सामने आई थी, लेकिन दस्तावेजों की जांच में मुख्य आरोपी योगेंद्र बालिग निकला। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से खून से सना तकिया और लूटे गए पैसों का कुछ हिस्सा बरामद किया है। मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ—आरोपी की मां सावित्री निषाद ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। उसने खून से सने कपड़े और जूते जला दिए थे, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके।
पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेंद्र निषाद को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, नाबालिग आरोपी को भी हिरासत में लिया गया है और साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में उसकी मां सावित्री निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली रकम के लालच में इंसान किस हद तक गिर सकता है।
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