छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मौत की सजा दी है। यह सनसनीखेज मामला साल 2020 का है, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी मंजू शर्मा, डेढ़ माह की मासूम बच्ची और एक अज्ञात युवक की निर्मम हत्या कर दी थी। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।घटना 21 जनवरी 2020 की सुबह भिलाई के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में सामने आई थी। मंजू शर्मा के घर से धुआं उठता देख परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। मंजू का शव बिस्तर पर पड़ा था, हाथ-पैर और मुंह टेप से बंधे थे। पास में उसकी मासूम बच्ची मृत अवस्था में मिली। वहीं एक तीसरा जला हुआ शव भी बरामद हुआ, जिसे पहले रवि शर्मा समझा गया, लेकिन बाद में उसकी पहचान अज्ञात युवक के रूप में हुई।जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। घटनास्थल पर दीवार पर लिखी गई भ्रामक बातें, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। फुटेज में आरोपी घटना से एक दिन पहले एक युवक को घर लाते और घटना के बाद अकेले निकलते नजर आया।पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले से शादीशुदा था और भिलाई में उसने दूसरी शादी की थी। पत्नी और बच्ची को लेकर वह परेशान था, इसलिए उसने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को शराब में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया और उसकी हत्या कर दी, ताकि उसे खुद का शव दिखाया जा सके। इसके बाद उसने पत्नी और बच्ची की भी हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए आग लगा दी।पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हथियार, दवाइयां, मोबाइल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। हस्तलेख जांच में भी दीवार पर लिखावट आरोपी की ही साबित हुई। मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मौत की सजा दी है। यह सनसनीखेज मामला साल 2020 का है, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी मंजू शर्मा, डेढ़ माह की मासूम बच्ची और एक अज्ञात युवक की निर्मम हत्या कर दी थी। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” मानते हुए फांसी की सजा सुनाई।
घटना 21 जनवरी 2020 की सुबह भिलाई के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में सामने आई थी। मंजू शर्मा के घर से धुआं उठता देख परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। मंजू का शव बिस्तर पर पड़ा था, हाथ-पैर और मुंह टेप से बंधे थे। पास में उसकी मासूम बच्ची मृत अवस्था में मिली। वहीं एक तीसरा जला हुआ शव भी बरामद हुआ, जिसे पहले रवि शर्मा समझा गया, लेकिन बाद में उसकी पहचान अज्ञात युवक के रूप में हुई।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। घटनास्थल पर दीवार पर लिखी गई भ्रामक बातें, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी साक्ष्यों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। फुटेज में आरोपी घटना से एक दिन पहले एक युवक को घर लाते और घटना के बाद अकेले निकलते नजर आया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले से शादीशुदा था और भिलाई में उसने दूसरी शादी की थी। पत्नी और बच्ची को लेकर वह परेशान था, इसलिए उसने उन्हें रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने एक मानसिक रूप से कमजोर युवक को शराब में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोश किया और उसकी हत्या कर दी, ताकि उसे खुद का शव दिखाया जा सके। इसके बाद उसने पत्नी और बच्ची की भी हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए आग लगा दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हथियार, दवाइयां, मोबाइल और अन्य साक्ष्य जब्त किए। हस्तलेख जांच में भी दीवार पर लिखावट आरोपी की ही साबित हुई। मजबूत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई।
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