छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में हुए एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने महज दो दिनों में खुलासा कर दिया है। 26 अप्रैल को रामनारायण निषाद उर्फ नारायण निषाद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे, जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया।पूछताछ में नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। 25 अप्रैल की रात जब मृतक नशे की हालत में था, तब आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की। इसके बाद गमछे से उसके पैर बांधकर उसे घसीटते हुए खेत तक ले गए, जहां पत्थरों से कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। इस काम में सावित्री निषाद नाम की एक महिला ने अहम भूमिका निभाई। उसने खून से सने कपड़े और जूते जला दिए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते वह भी गिरफ्तार कर ली गई।पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल पत्थर समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। फिलहाल इस मामले में एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह से आपसी रंजिश का परिणाम है।तेज जांच और तकनीकी साक्ष्यों के दम पर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई में हुए एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने महज दो दिनों में खुलासा कर दिया है। 26 अप्रैल को रामनारायण निषाद उर्फ नारायण निषाद का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए थे, जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में लिया।
पूछताछ में नाबालिग ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। 25 अप्रैल की रात जब मृतक नशे की हालत में था, तब आरोपियों ने पहले उसके साथ मारपीट की। इसके बाद गमछे से उसके पैर बांधकर उसे घसीटते हुए खेत तक ले गए, जहां पत्थरों से कुचलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की भी कोशिश की। इस काम में सावित्री निषाद नाम की एक महिला ने अहम भूमिका निभाई। उसने खून से सने कपड़े और जूते जला दिए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। हालांकि पुलिस की सतर्कता के चलते वह भी गिरफ्तार कर ली गई।
पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल पत्थर समेत अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। फिलहाल इस मामले में एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या पूरी तरह से आपसी रंजिश का परिणाम है।
तेज जांच और तकनीकी साक्ष्यों के दम पर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है।
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