AI वीडियो विवाद: भूपेश बघेल–सौम्या चौरसिया का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, FIR दर्ज; 8 थानों में शिकायत, इंस्टाग्राम ID बैन

छत्तीसगढ़ में एक कथित एआई जनरेटेड वीडियो को लेकर सियासी और सामाजिक विवाद गहराता जा रहा है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व उपसचिव Soumya Chaurasia को दिखाते हुए एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।

यह मामला दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है, जहां इस वीडियो को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीडियो के वायरल होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे फर्जी और आपत्तिजनक बताते हुए विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेसियों का विरोध, 8 थानों में दर्ज कराई शिकायत

वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस संगठन सक्रिय हो गया। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने इस वीडियो को भ्रामक और छवि खराब करने वाला बताते हुए इसे तुरंत हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

रविवार को कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Vijay Agrawal से मिला और मामले की गंभीरता को बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सोमवार को जिले के अलग-अलग थानों में एक साथ शिकायत दर्ज कराई गई।

शाम तक जामगांव आर, कुम्हारी, भिलाई-3, नंदिनी नगर अहिवारा, जामुल, धमधा, अंडा, जेवरा सिरसा और रानीतराई सहित कई इलाकों के थानों में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे और विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने न केवल शिकायत दर्ज कराई बल्कि सोशल मीडिया पर फैल रही इस तरह की सामग्री पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।

इंस्टाग्राम अकाउंट बैन, FIR दर्ज

पुलिस जांच में सामने आया कि यह वीडियो इंस्टाग्राम के दो अकाउंट—‘कांग्रेस पोल खोल’ और ‘रैंडम छत्तीसगढ़’—से पोस्ट किया गया था। मामला सामने आते ही इन दोनों अकाउंट्स को प्लेटफॉर्म से बैन कर दिया गया है।

भिलाई नगर थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि यह मामला साइबर अपराध की श्रेणी में आता है और तकनीक का दुरुपयोग कर किसी की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है।

हालांकि अकाउंट्स बैन हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता अभी भी इस बात पर अड़े हुए हैं कि इन अकाउंट्स को संचालित करने वालों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

साइबर टीम कर रही तकनीकी जांच

इस पूरे मामले की जांच अब साइबर टीम को सौंप दी गई है। टीम वीडियो के सोर्स का पता लगाने में जुटी हुई है—कि यह वीडियो कहां और किसने बनाया, और सबसे पहले किस प्लेटफॉर्म से इसे अपलोड किया गया।

साइबर एक्सपर्ट्स वीडियो की फ्रेम-बाय-फ्रेम जांच कर रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पूरी तरह एआई जनरेटेड है या इसमें किसी असली फुटेज के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके साथ ही IP एड्रेस और डिजिटल ट्रेल के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी तकनीकी जानकारी मांगी गई है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि अकाउंट्स किन डिवाइसेस और लोकेशन से ऑपरेट हो रहे थे।

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