छत्तीसगढ़ में सोमवार को अलग-अलग जगहों पर हुए भीषण सड़क हादसों ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों में कुल 7 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। कोरबा, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में हुए इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।केस 1: चलती ट्रक में घुसी कार, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौतसबसे दर्दनाक हादसा कोरबा जिले में सामने आया, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बुधवारी निवासी सोनी परिवार चांपा में आयोजित चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोमवार देर रात करीब 2 बजे परिवार के सदस्य कार से वापस लौट रहे थे।चांपा-फरसवानी रोड पर फरसवानी टोल नाका के आगे अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर पलटते हुए सड़क किनारे खड़ी हाइवा (ट्रक) में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।इस भीषण हादसे में मोंगरा सोनी (45), उनके बेटे देवेंद्र सोनी (22) और ढाई साल के मासूम प्रियांश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना उरगा थाना क्षेत्र की है। घायलों को तुरंत चांपा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल के मुताबिक, हादसा बेहद भयावह था और वाहन की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर कितनी तेज रही होगी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।केस 2: सिम्स के डॉक्टर की कार ने ऑटो को मारी टक्कर, महिला की मौतदूसरा मामला बिलासपुर जिले से सामने आया, जहां एक डॉक्टर की लापरवाही एक महिला की जान पर भारी पड़ गई। महासमुंद जिले के जम्हनीडीह निवासी टिकेंद्र प्रसाद पटेल (29) सिम्स मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में पदस्थ हैं और पीजी की पढ़ाई भी कर रहे हैं।बताया जा रहा है कि वे रविवार को अपने घर गए थे और सोमवार सुबह कार से बिलासपुर लौट रहे थे। इसी दौरान लालखदान ओवरब्रिज के पास उन्हें झपकी आ गई, जिससे उनकी कार अनियंत्रित हो गई। पहले कार सामने से आ रही एक अन्य कार से टकराई और फिर सीधे ऑटो में जा भिड़ी।टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो में सवार मस्तूरी क्षेत्र की बीरस बाई डहरिया (50) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो चालक के दोनों पैर टूट गए और अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने डॉक्टर को घेर लिया, जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया। तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने बताया कि ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में डॉक्टर के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।केस 3: बारातियों से भरी स्कॉर्पियो पलटी, महिला की मौततीसरा मामला कोटा-तखतपुर क्षेत्र का है, जहां बारातियों से भरी स्कॉर्पियो हादसे का शिकार हो गई। जानकारी के मुताबिक वाहन कोटा से मुंगेली के पंडातराई जा रहा था।सोमवार को जूनापारा के नगचुई के पास अचानक एक साइकिल सवार वाहन के सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो सड़क पर 3-4 बार पलट गई।इस हादसे में घोरामार निवासी सुशीला मानिकपुरी की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि स्कॉर्पियो में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जो हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है। घायलों में कुछ की ह
छत्तीसगढ़ में सोमवार को अलग-अलग जगहों पर हुए भीषण सड़क हादसों ने प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। इन हादसों में कुल 7 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। कोरबा, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में हुए इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे दर्दनाक हादसा कोरबा जिले में सामने आया, जहां एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार बुधवारी निवासी सोनी परिवार चांपा में आयोजित चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद सोमवार देर रात करीब 2 बजे परिवार के सदस्य कार से वापस लौट रहे थे।
चांपा-फरसवानी रोड पर फरसवानी टोल नाका के आगे अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई और फिर अनियंत्रित होकर पलटते हुए सड़क किनारे खड़ी हाइवा (ट्रक) में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
इस भीषण हादसे में मोंगरा सोनी (45), उनके बेटे देवेंद्र सोनी (22) और ढाई साल के मासूम प्रियांश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना उरगा थाना क्षेत्र की है। घायलों को तुरंत चांपा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल के मुताबिक, हादसा बेहद भयावह था और वाहन की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर कितनी तेज रही होगी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
दूसरा मामला बिलासपुर जिले से सामने आया, जहां एक डॉक्टर की लापरवाही एक महिला की जान पर भारी पड़ गई। महासमुंद जिले के जम्हनीडीह निवासी टिकेंद्र प्रसाद पटेल (29) सिम्स मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग में पदस्थ हैं और पीजी की पढ़ाई भी कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वे रविवार को अपने घर गए थे और सोमवार सुबह कार से बिलासपुर लौट रहे थे। इसी दौरान लालखदान ओवरब्रिज के पास उन्हें झपकी आ गई, जिससे उनकी कार अनियंत्रित हो गई। पहले कार सामने से आ रही एक अन्य कार से टकराई और फिर सीधे ऑटो में जा भिड़ी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो में सवार मस्तूरी क्षेत्र की बीरस बाई डहरिया (50) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो चालक के दोनों पैर टूट गए और अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने डॉक्टर को घेर लिया, जिसके बाद पुलिस ने पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया। तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह ने बताया कि ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में डॉक्टर के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि लापरवाही से वाहन चलाने के मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
तीसरा मामला कोटा-तखतपुर क्षेत्र का है, जहां बारातियों से भरी स्कॉर्पियो हादसे का शिकार हो गई। जानकारी के मुताबिक वाहन कोटा से मुंगेली के पंडातराई जा रहा था।
सोमवार को जूनापारा के नगचुई के पास अचानक एक साइकिल सवार वाहन के सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और स्कॉर्पियो सड़क पर 3-4 बार पलट गई।
इस हादसे में घोरामार निवासी सुशीला मानिकपुरी की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए। राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि स्कॉर्पियो में क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जो हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है। घायलों में कुछ की ह
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