भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण पीजी कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिए सात दिवसीय Arduino आधारित प्रैक्टिकल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन कॉलेज के फिजिक्स डिपार्टमेंट द्वारा वॉबल लैब और SSIPMT रायपुर (AICTE आइडिया लैब) के सहयोग से किया गया।वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छात्रों को तकनीकी स्किल्स से लैस करना और उन्हें आधुनिक तकनीकों के वास्तविक अनुप्रयोगों से परिचित कराना रहा। दूसरे दिन आयोजित सेशन में विभिन्न उपयोगी प्रोटोटाइप और उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें Arduino आधारित कृषि ऑटोमेशन किट, फसल सुरक्षा निगरानी ड्रोन, 4 किलोग्राम तक चिकित्सा आपूर्ति ले जाने वाला ड्रोन और 8 किलोग्राम क्षमता वाला क्वाडकॉप्टर शामिल रहे।इन मॉडलों ने छात्रों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और उन्हें टेक्नोलॉजी के प्रैक्टिकल पहलुओं को समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने Arduino की बेसिक अवधारणाओं के साथ-साथ इसके उपयोग को स्मार्ट कृषि, रक्षा निगरानी और मेडिकल सप्लाई जैसे क्षेत्रों में विस्तार से समझाया।इस दौरान स्टूडेंट्स ने ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन सिस्टम और रोबोटिक्स में करियर की संभावनाओं को लेकर भी सवाल पूछे। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विनय शर्मा ने इस तरह की कार्यशालाओं को छात्रों के तकनीकी विकास और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स के लिए बेहद जरूरी बताया।कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल डॉ. लखन चौधरी, डॉ. सलीम अकील, डॉ. सौम्या खरे, डॉ. नरेश चंद्र देशमुख, डॉ. हरीश कश्यप और डॉ. नीलम शुक्ला सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे। वॉबल लैब की टीम में संस्थापक पुरुषोत्तम अजय कुमार, सह-संस्थापक सिद्धार्थ सिंह, प्रोजेक्ट एसोसिएट आबिद खान और डीजीसीए प्रमाणित इंस्ट्रक्टर पायलट पंकज कुमार यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।इस पहल ने छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें तकनीकी क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया।
भिलाई के सेक्टर-7 स्थित कल्याण पीजी कॉलेज में स्टूडेंट्स के लिए सात दिवसीय Arduino आधारित प्रैक्टिकल वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन कॉलेज के फिजिक्स डिपार्टमेंट द्वारा वॉबल लैब और SSIPMT रायपुर (AICTE आइडिया लैब) के सहयोग से किया गया।
वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य छात्रों को तकनीकी स्किल्स से लैस करना और उन्हें आधुनिक तकनीकों के वास्तविक अनुप्रयोगों से परिचित कराना रहा। दूसरे दिन आयोजित सेशन में विभिन्न उपयोगी प्रोटोटाइप और उपकरणों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें Arduino आधारित कृषि ऑटोमेशन किट, फसल सुरक्षा निगरानी ड्रोन, 4 किलोग्राम तक चिकित्सा आपूर्ति ले जाने वाला ड्रोन और 8 किलोग्राम क्षमता वाला क्वाडकॉप्टर शामिल रहे।
इन मॉडलों ने छात्रों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और उन्हें टेक्नोलॉजी के प्रैक्टिकल पहलुओं को समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों ने Arduino की बेसिक अवधारणाओं के साथ-साथ इसके उपयोग को स्मार्ट कृषि, रक्षा निगरानी और मेडिकल सप्लाई जैसे क्षेत्रों में विस्तार से समझाया।
इस दौरान स्टूडेंट्स ने ड्रोन टेक्नोलॉजी, ऑटोमेशन सिस्टम और रोबोटिक्स में करियर की संभावनाओं को लेकर भी सवाल पूछे। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. विनय शर्मा ने इस तरह की कार्यशालाओं को छात्रों के तकनीकी विकास और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड स्किल्स के लिए बेहद जरूरी बताया।
कार्यक्रम में वाइस प्रिंसिपल डॉ. लखन चौधरी, डॉ. सलीम अकील, डॉ. सौम्या खरे, डॉ. नरेश चंद्र देशमुख, डॉ. हरीश कश्यप और डॉ. नीलम शुक्ला सहित अन्य प्राध्यापक मौजूद रहे। वॉबल लैब की टीम में संस्थापक पुरुषोत्तम अजय कुमार, सह-संस्थापक सिद्धार्थ सिंह, प्रोजेक्ट एसोसिएट आबिद खान और डीजीसीए प्रमाणित इंस्ट्रक्टर पायलट पंकज कुमार यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस पहल ने छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें तकनीकी क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित किया।
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