दुर्ग। आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा चला रहे एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने खुलासा किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क गोवा, रायपुर और भिलाई समेत कई शहरों तक फैला हुआ था। आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे और करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार कर रहे थे।रोजाना लाखों का लेनदेन, महीने में करोड़ों की कमाईजांच के मुताबिक, गिरोह रोजाना 10 से 15 लाख रुपए का लेनदेन करता था। महीनेभर में यह रकम 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाती थी। आरोपी फर्जी सिम, म्यूल बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क को चला रहे थे।सोशल मीडिया कॉल से चलता था पूरा नेटवर्कगिरोह के सदस्य व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम कॉल के जरिए संपर्क में रहते थे। सट्टा खेलने वालों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता था और पूरा संचालन डिजिटल तरीके से किया जाता था।गिरफ्तार आरोपीराहुल रंगवानी (रायपुर)सोविंद यादव उर्फ राजू यादव (प्रयागराज)संदीप कापसे (गोंदिया)अमन अली (भिलाई)हुसैन अली (भिलाई)पुलिस ने जब्त किया सामानकार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, वाई-फाई राउटर, सिम कार्ड, आधार-पैन कार्ड और 2.70 लाख रुपए नकद जब्त किए हैं।आईपीएल के दौरान चल रहा था सट्टापुलिस के अनुसार, आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान अवैध कमाई के लिए इस नेटवर्क को सक्रिय रखते थे। तकनीकी जांच और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची।पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने आमजन से ऑनलाइन सट्टा और अवैध गेमिंग से दूर रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।
दुर्ग। आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा चला रहे एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने खुलासा किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क गोवा, रायपुर और भिलाई समेत कई शहरों तक फैला हुआ था। आरोपी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे और करोड़ों रुपए का अवैध कारोबार कर रहे थे।
रोजाना लाखों का लेनदेन, महीने में करोड़ों की कमाईजांच के मुताबिक, गिरोह रोजाना 10 से 15 लाख रुपए का लेनदेन करता था। महीनेभर में यह रकम 4 से 5 करोड़ रुपए तक पहुंच जाती थी। आरोपी फर्जी सिम, म्यूल बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया के जरिए इस नेटवर्क को चला रहे थे।
सोशल मीडिया कॉल से चलता था पूरा नेटवर्कगिरोह के सदस्य व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम कॉल के जरिए संपर्क में रहते थे। सट्टा खेलने वालों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाता था और पूरा संचालन डिजिटल तरीके से किया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जब्त किया सामानकार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, वाई-फाई राउटर, सिम कार्ड, आधार-पैन कार्ड और 2.70 लाख रुपए नकद जब्त किए हैं।
आईपीएल के दौरान चल रहा था सट्टापुलिस के अनुसार, आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान अवैध कमाई के लिए इस नेटवर्क को सक्रिय रखते थे। तकनीकी जांच और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर पुलिस गिरोह तक पहुंची।
पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने आमजन से ऑनलाइन सट्टा और अवैध गेमिंग से दूर रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।
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