भिलाई से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सेक्टर-6 ए मार्केट में शराब दुकान खोलने के फैसले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस निर्णय का जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है।नगर निगम के एमआईसी सदस्य और सेक्टर-6 के पार्षद साकेत चन्द्राकर ने आबकारी विभाग के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि ए मार्केट भिलाई का एक प्रमुख और बेहद व्यस्त बाजार है, जहां रोजाना परिवारों की बड़ी संख्या खरीदारी के लिए पहुंचती है। ऐसे पारिवारिक माहौल वाले क्षेत्र में शराब दुकान खोलना पूरी तरह अनुचित और जनहित के खिलाफ है।पार्षद ने आशंका जताई है कि इससे बाजार में अव्यवस्था बढ़ सकती है और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों के कारोबार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही गई है। उनका कहना है कि पहले से ही आसपास असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं और अब इस फैसले से नशाखोरी और आपत्तिजनक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।वहीं, महापौर नीरज पाल ने भी इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भिलाई की पहचान और संस्कृति पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोली जा रही है, उसके आसपास स्कूल, मंदिर, चर्च और गुरुद्वारा जैसे धार्मिक और शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ सकता है।महापौर ने सरकार के इस फैसले को असंवेदनशील और जनविरोधी बताते हुए तत्काल इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर निर्णय नहीं बदला गया, तो इसके खिलाफ जनआंदोलन किया जाएगा।फिलहाल, यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है और अब देखना होगा कि शासन इस पर क्या रुख अपनाता है।
भिलाई से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सेक्टर-6 ए मार्केट में शराब दुकान खोलने के फैसले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस निर्णय का जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है।
नगर निगम के एमआईसी सदस्य और सेक्टर-6 के पार्षद साकेत चन्द्राकर ने आबकारी विभाग के इस फैसले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि ए मार्केट भिलाई का एक प्रमुख और बेहद व्यस्त बाजार है, जहां रोजाना परिवारों की बड़ी संख्या खरीदारी के लिए पहुंचती है। ऐसे पारिवारिक माहौल वाले क्षेत्र में शराब दुकान खोलना पूरी तरह अनुचित और जनहित के खिलाफ है।
पार्षद ने आशंका जताई है कि इससे बाजार में अव्यवस्था बढ़ सकती है और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। साथ ही, स्थानीय व्यापारियों के कारोबार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही गई है। उनका कहना है कि पहले से ही आसपास असामाजिक तत्व सक्रिय रहते हैं और अब इस फैसले से नशाखोरी और आपत्तिजनक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।
वहीं, महापौर नीरज पाल ने भी इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भिलाई की पहचान और संस्कृति पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर शराब दुकान खोली जा रही है, उसके आसपास स्कूल, मंदिर, चर्च और गुरुद्वारा जैसे धार्मिक और शैक्षणिक संस्थान मौजूद हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ सकता है।
महापौर ने सरकार के इस फैसले को असंवेदनशील और जनविरोधी बताते हुए तत्काल इसे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर निर्णय नहीं बदला गया, तो इसके खिलाफ जनआंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल, यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है और अब देखना होगा कि शासन इस पर क्या रुख अपनाता है।
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