लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रही सियासत के बीच भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के रुख को महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ बताया है।नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने अपने बयान में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष द्वारा विरोध करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बीते दशकों में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उनके अनुसार, इन प्रयासों से महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में समान अवसर मिल रहे हैं।भोजराज सिन्हा ने आगे कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। ऐसे में इसका विरोध करना महिलाओं का अपमान है और देश की प्रगति में बाधा डालने जैसा है।उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन से अपील की कि वे संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के हित में इस विधेयक का समर्थन करें।अंत में उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति सब देख रही है और आने वाले समय में वह ऐसे रवैये का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब जरूर देगी।
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रही सियासत के बीच भिलाई नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष के रुख को महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ बताया है।
नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा ने अपने बयान में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और भविष्य से जुड़ा हुआ विषय है। ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष द्वारा विरोध करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बीते दशकों में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जबकि वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। उनके अनुसार, इन प्रयासों से महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में समान अवसर मिल रहे हैं।
भोजराज सिन्हा ने आगे कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। ऐसे में इसका विरोध करना महिलाओं का अपमान है और देश की प्रगति में बाधा डालने जैसा है।
उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन से अपील की कि वे संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के हित में इस विधेयक का समर्थन करें।
अंत में उन्होंने कहा कि देश की नारी शक्ति सब देख रही है और आने वाले समय में वह ऐसे रवैये का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब जरूर देगी।
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