नई दिल्ली में चल रहे संसद के विशेष सत्र के दौरान महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यसभा में हरिवंश को निर्विरोध उपसभापति चुना गया, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी।वहीं लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और परिसीमन से जुड़ा बिल पेश किया गया, जिस पर गुरुवार को लंबी बहस चली। अब इस विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे वोटिंग प्रस्तावित है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस विधेयक पर अपनी बात रखेंगे।इस बीच, महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 लागू कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है।हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने 2023 में पारित इस अधिनियम को अब लागू करने का निर्णय क्यों लिया, जबकि इसमें संशोधन के लिए नया विधेयक भी पेश किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इसे "तकनीकी कारणों" के चलते अधिसूचित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान लोकसभा में इस आरक्षण को लागू नहीं किया जा सकता।महिला आरक्षण लागू करने के लिए अगली जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है। यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है, जो परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू होगा।
नई दिल्ली में चल रहे संसद के विशेष सत्र के दौरान महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राज्यसभा में हरिवंश को निर्विरोध उपसभापति चुना गया, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी।
वहीं लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण संशोधन विधेयक और परिसीमन से जुड़ा बिल पेश किया गया, जिस पर गुरुवार को लंबी बहस चली। अब इस विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे वोटिंग प्रस्तावित है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस विधेयक पर अपनी बात रखेंगे।
इस बीच, महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 लागू कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है।
हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने 2023 में पारित इस अधिनियम को अब लागू करने का निर्णय क्यों लिया, जबकि इसमें संशोधन के लिए नया विधेयक भी पेश किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, इसे "तकनीकी कारणों" के चलते अधिसूचित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान लोकसभा में इस आरक्षण को लागू नहीं किया जा सकता।
महिला आरक्षण लागू करने के लिए अगली जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। इसके बाद ही संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है। यह कानून महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है, जो परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू होगा।
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