छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में महिला सशक्तिकरण को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में महिलाओं ने भव्य स्कूटी रैली निकाली। इस रैली का नेतृत्व महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक Lakshmi Rajwade ने किया।रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और हाथों में तख्तियां एवं नारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को ऐतिहासिक कदम बताया।मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को राजनीति और अन्य क्षेत्रों में सशक्त भागीदारी देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने का भी एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में जागरूकता बढ़ती है और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग होती हैं।रैली के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल को अपना समर्थन दिया।इस कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में शासन और नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में महिला सशक्तिकरण को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जहां ‘नारी शक्ति वंदन’ के समर्थन में महिलाओं ने भव्य स्कूटी रैली निकाली। इस रैली का नेतृत्व महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक Lakshmi Rajwade ने किया।
रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और हाथों में तख्तियां एवं नारों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। इस दौरान महिलाओं ने Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को ऐतिहासिक कदम बताया।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को राजनीति और अन्य क्षेत्रों में सशक्त भागीदारी देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने का भी एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में जागरूकता बढ़ती है और वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सजग होती हैं।
रैली के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और इस पहल को अपना समर्थन दिया।
इस कार्यक्रम में भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में शासन और नीति निर्माण में महिलाओं की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।
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