छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर एक भीषण बॉयलर विस्फोट ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 36 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।मिली जानकारी के अनुसार, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई। इसके बाद इलाज के दौरान 5 मजदूरों ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 ने जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 ने रायपुर के कालड़ा अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनमें कुछ 95 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं।हादसे में घायल मजदूरों का इलाज रायगढ़ के जिंदल अस्पताल और बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में जारी है। जिंदल अस्पताल में भर्ती 10 मजदूरों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं, कुछ मजदूरों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।घटना के बाद प्लांट के बाहर परिजनों और मजदूरों ने जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दी जा रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने इस पूरे मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए की सहायता राशि और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा, Prime Minister's Office की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित Vedanta Limited के पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर एक भीषण बॉयलर विस्फोट ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में 16 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 36 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई। इसके बाद इलाज के दौरान 5 मजदूरों ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 ने जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 ने रायपुर के कालड़ा अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनमें कुछ 95 से 100 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं।
हादसे में घायल मजदूरों का इलाज रायगढ़ के जिंदल अस्पताल और बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में जारी है। जिंदल अस्पताल में भर्ती 10 मजदूरों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। वहीं, कुछ मजदूरों के लापता होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
घटना के बाद प्लांट के बाहर परिजनों और मजदूरों ने जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि उन्हें समय पर सही जानकारी नहीं दी जा रही है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
जिला कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने इस पूरे मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जा सके।
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए की सहायता राशि और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 15-15 लाख रुपए देने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा, Prime Minister's Office की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है, साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
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