छत्तीसगढ़ के चिरमिरी के वेस्ट माइंस क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जंगल से भटककर आए दो भालुओं ने कर्मचारियों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में आशीष नाम का एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके पैरों और चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं। घायल कर्मचारी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।जानकारी के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में भोजन और पानी की कमी होने लगती है, जिसके कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। कोरिया, मरवाही और चिरमिरी जैसे घने जंगलों वाले क्षेत्रों में भालुओं की मौजूदगी आम है, लेकिन हाल के दिनों में इनके आबादी वाले इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ गई हैं।घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है, क्योंकि भालू अभी भी आसपास के इलाके में मौजूद हैं। लगातार गश्त कर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग जल्द से जल्द भालुओं को सुरक्षित जंगल में वापस भेजे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
छत्तीसगढ़ के चिरमिरी के वेस्ट माइंस क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जंगल से भटककर आए दो भालुओं ने कर्मचारियों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में आशीष नाम का एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके पैरों और चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं। घायल कर्मचारी को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, गर्मी बढ़ने के साथ ही जंगलों में भोजन और पानी की कमी होने लगती है, जिसके कारण जंगली जानवर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। कोरिया, मरवाही और चिरमिरी जैसे घने जंगलों वाले क्षेत्रों में भालुओं की मौजूदगी आम है, लेकिन हाल के दिनों में इनके आबादी वाले इलाकों में आने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पोड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है, क्योंकि भालू अभी भी आसपास के इलाके में मौजूद हैं। लगातार गश्त कर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि वन विभाग जल्द से जल्द भालुओं को सुरक्षित जंगल में वापस भेजे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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