गोंडा जिले में हाईटेंशन बिजली तार गिरने से एक दर्दनाक हादसे में पत्रकार रंजीत कुमार तिवारी की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।बताया जा रहा है कि पथवलिया गांव में रहने वाले रंजीत तिवारी के घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन कई वर्षों से झूल रही थी। उन्होंने करीब 10 साल तक लगातार इसकी शिकायत बिजली विभाग से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह हालात और बिगड़ गए, जब तार अचानक टूटकर उनके ऊपर गिर गया और तेज करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार के निर्देश पर चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस टीम में नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव, एसडीएम जितेंद्र गौतम और सीओ आनंद कुमार राय शामिल हैं। कमेटी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।इधर, पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के मुख्य अभियंता समेत चार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है।इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। रंजीत तिवारी अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गोंडा जिले में हाईटेंशन बिजली तार गिरने से एक दर्दनाक हादसे में पत्रकार रंजीत कुमार तिवारी की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि पथवलिया गांव में रहने वाले रंजीत तिवारी के घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन कई वर्षों से झूल रही थी। उन्होंने करीब 10 साल तक लगातार इसकी शिकायत बिजली विभाग से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शुक्रवार सुबह हालात और बिगड़ गए, जब तार अचानक टूटकर उनके ऊपर गिर गया और तेज करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट आलोक कुमार के निर्देश पर चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। इस टीम में नगर मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, अधीक्षण अभियंता सुशील कुमार यादव, एसडीएम जितेंद्र गौतम और सीओ आनंद कुमार राय शामिल हैं। कमेटी को 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के मुख्य अभियंता समेत चार अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है।
इस दर्दनाक घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। रंजीत तिवारी अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। स्थानीय लोगों और पत्रकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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