भिलाई के सेक्टर-7, वार्ड क्रमांक 67 में पीलिया का प्रकोप सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यहां एक के बाद एक कुल 22 बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से 2 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है।स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीमारी फैलने का मुख्य कारण दूषित पेयजल है। रहवासियों ने बताया कि पहले बच्चों को वायरल फीवर हुआ, लेकिन जांच में पीलिया की पुष्टि हुई। क्षेत्र में पीने के पानी में बदबू आने और सीवरेज का गंदा पानी मिलने की शिकायत लंबे समय से की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड पार्षद लक्ष्मीपति राजू नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घर-घर जाकर पानी के सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं। पार्षद का कहना है कि टाउनशिप की करीब 50 साल पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण सीवरेज और पीने का पानी आपस में मिल रहा है।नगर निगम अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि 8 से 10 घरों से पानी के सैंपल लिए गए हैं और जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे पानी उबालकर ही पिएं।इससे पहले भी उतई नगर पंचायत और दुर्ग के गौतम नगर इलाके में दूषित पानी के कारण पीलिया फैलने के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीलिया मुख्य रूप से हेपेटाइटिस A और E वायरस के कारण फैलता है, जो दूषित पानी और खराब स्वच्छता से जुड़ा होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, उल्टी, पेशाब में पीलापन, आंखों का पीला होना, कमजोरी और भूख न लगना शामिल हैं।
भिलाई के सेक्टर-7, वार्ड क्रमांक 67 में पीलिया का प्रकोप सामने आने से इलाके में हड़कंप मच गया है। यहां एक के बाद एक कुल 22 बच्चों में पीलिया के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें से 2 बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बीमारी फैलने का मुख्य कारण दूषित पेयजल है। रहवासियों ने बताया कि पहले बच्चों को वायरल फीवर हुआ, लेकिन जांच में पीलिया की पुष्टि हुई। क्षेत्र में पीने के पानी में बदबू आने और सीवरेज का गंदा पानी मिलने की शिकायत लंबे समय से की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वार्ड पार्षद लक्ष्मीपति राजू नगर निगम की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घर-घर जाकर पानी के सैंपल इकट्ठा किए जा रहे हैं। पार्षद का कहना है कि टाउनशिप की करीब 50 साल पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी है, जिसके कारण सीवरेज और पीने का पानी आपस में मिल रहा है।
नगर निगम अधिकारी हिमांशु श्रीवास्तव ने बताया कि 8 से 10 घरों से पानी के सैंपल लिए गए हैं और जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे पानी उबालकर ही पिएं।
इससे पहले भी उतई नगर पंचायत और दुर्ग के गौतम नगर इलाके में दूषित पानी के कारण पीलिया फैलने के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पीलिया मुख्य रूप से हेपेटाइटिस A और E वायरस के कारण फैलता है, जो दूषित पानी और खराब स्वच्छता से जुड़ा होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में बुखार, उल्टी, पेशाब में पीलापन, आंखों का पीला होना, कमजोरी और भूख न लगना शामिल हैं।
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