अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून लागू

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। Amaravati को आधिकारिक तौर पर राज्य की राजधानी घोषित कर दिया गया है। संसद के दोनों सदनों से पारित ‘आंध्र प्रदेश पुनर्गठन संशोधन अधिनियम-2026’ को राष्ट्रपति Droupadi Murmu की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून लागू हो गया है।

केंद्र सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2014 में संशोधन कर यह स्पष्ट किया गया है कि 2 जून 2024 से अमरावती ही राज्य की एकमात्र वैध राजधानी होगी। इससे पहले राज्य विधानसभा ने 28 मार्च को प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था, जिसे संसद में व्यापक समर्थन मिला। केवल YSR Congress Party ने इसका विरोध किया, जबकि बाकी सभी दलों ने बिल के पक्ष में मतदान किया।

नए कानून के तहत ‘आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) अधिनियम-2014’ के अंतर्गत अधिसूचित सभी क्षेत्र अमरावती का हिस्सा होंगे। साथ ही यह भी तय किया गया है कि भविष्य में इस कानून में कोई बदलाव केवल संसद द्वारा ही किया जा सकेगा, राज्य विधानसभा के किसी निर्णय को कानूनी मान्यता नहीं होगी।

इसी बीच, Visakhapatnam में बड़े निवेश की तैयारी भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu 28 अप्रैल को टेक दिग्गज Google के मेगा डेटा सेंटर प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। करीब 15 अरब डॉलर के इस निवेश से राज्य को वैश्विक टेक्नोलॉजी हब के रूप में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

यह प्रोजेक्ट विशाखापत्तनम और आसपास के इलाकों में तीन ‘गीगावाट’ क्षमता वाले डेटा सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो जुलाई 2028 तक तैयार हो सकते हैं। इस निवेश को देश का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना जा रहा है, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *