छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 9 अत्याधुनिक ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला चिकित्सालय सूरजपुर से शुरू की गई यह सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस मौके पर मंत्री ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने इसे अपने लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि सूरजपुर की बेटी होने के नाते वे जिलेवासियों को यह जीवनरक्षक सुविधा समर्पित कर रही हैं।मंत्री राजवाड़े ने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। खासतौर पर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली माताओं, बहनों और बच्चों को ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।उन्होंने एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं की गुणवत्ता और रिस्पॉन्स टाइम में लगातार सुधार करने की बात कही। साथ ही उन्होंने इन सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग का भी आश्वासन दिया, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।जिले में आवंटित 9 एम्बुलेंसों में से 2 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्थायी रूप से तैनात किया गया है, जबकि शेष एम्बुलेंसों को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रणनीतिक रूप से लगाया गया है, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित हो सके।
छत्तीसगढ़ सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 9 अत्याधुनिक ‘108 संजीवनी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिला चिकित्सालय सूरजपुर से शुरू की गई यह सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस मौके पर मंत्री ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने इसे अपने लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि सूरजपुर की बेटी होने के नाते वे जिलेवासियों को यह जीवनरक्षक सुविधा समर्पित कर रही हैं।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि ये एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। खासतौर पर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली माताओं, बहनों और बच्चों को ‘गोल्डन ऑवर’ में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने एम्बुलेंस संचालन एजेंसी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सेवाओं की गुणवत्ता और रिस्पॉन्स टाइम में लगातार सुधार करने की बात कही। साथ ही उन्होंने इन सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग का भी आश्वासन दिया, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।
जिले में आवंटित 9 एम्बुलेंसों में से 2 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्थायी रूप से तैनात किया गया है, जबकि शेष एम्बुलेंसों को विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रणनीतिक रूप से लगाया गया है, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक त्वरित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित हो सके।
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