Durg में आत्महत्या के लिए उकसाने के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मृतक की पत्नी, उसका भाई और मामा शामिल हैं, जिन्हें Uttar Pradesh से हिरासत में लिया गया।पुलिस के अनुसार, गया नगर वार्ड क्रमांक 04 निवासी 30 वर्षीय विशाल गुप्ता ने 11 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद City Kotwali Police Station Durg ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।जांच के दौरान पुलिस को मृतक के मोबाइल फोन से एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला, जिसमें उसने अपनी पत्नी और उसके परिजनों पर लगातार मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि वैवाहिक विवाद और मानसिक उत्पीड़न के चलते मृतक ने यह कदम उठाया।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया, जहां से 29 मार्च को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार आरोपियों में तनु उर्फ मोहनी गुप्ता (पत्नी), शिवा गुप्ता (भाई) और कृष्ण कुमार गुप्ता (मामा) शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी प्रकार के पारिवारिक विवाद या मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत कानून की सहायता लें और पुलिस को सूचित करें। आत्महत्या जैसा कदम कभी समाधान नहीं होता।
Durg में आत्महत्या के लिए उकसाने के एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मृतक की पत्नी, उसका भाई और मामा शामिल हैं, जिन्हें Uttar Pradesh से हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, गया नगर वार्ड क्रमांक 04 निवासी 30 वर्षीय विशाल गुप्ता ने 11 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद City Kotwali Police Station Durg ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के मोबाइल फोन से एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला, जिसमें उसने अपनी पत्नी और उसके परिजनों पर लगातार मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि वैवाहिक विवाद और मानसिक उत्पीड़न के चलते मृतक ने यह कदम उठाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया, जहां से 29 मार्च को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में तनु उर्फ मोहनी गुप्ता (पत्नी), शिवा गुप्ता (भाई) और कृष्ण कुमार गुप्ता (मामा) शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी प्रकार के पारिवारिक विवाद या मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत कानून की सहायता लें और पुलिस को सूचित करें। आत्महत्या जैसा कदम कभी समाधान नहीं होता।
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