भिलाई में श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर श्रीरामलीला मैदान, पावर हाउस में 41वां भव्य श्रीराम जन्मोत्सव महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहर पूरी तरह भगवामय नजर आया, जहां चारों दिशाओं से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवा ध्वज और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ शामिल हुए। श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्रीराम के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रखंडों से आई आकर्षक झांकियां और भव्य शोभायात्राएं मुख्य आकर्षण रहीं। लेजर लाइट शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भव्य और भक्तिमय बना दिया।इस आयोजन की सबसे खास बात जनसहयोग से तैयार किया गया महाप्रसाद रहा। “एक मुट्ठी दान, श्रीराम के नाम” अभियान के तहत भिलाई के लगभग एक लाख परिवारों से एकत्रित अन्न से महाप्रसाद तैयार किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। इस पहल ने समाज में एकता और सहभागिता का संदेश दिया।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस और छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।समिति के युवा अध्यक्ष मनीष पांडेय ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज को जोड़ना और घर-घर में राम नाम का संकल्प जगाना है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हर घर से राम निकलने चाहिए, यही इस आयोजन की भावना है।वहीं, समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय ने बताया कि वर्ष 1986 से शुरू हुआ यह आयोजन आज पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है। 41 वर्षों से निरंतर चल रही यह परंपरा समाज को एकजुट करने का कार्य कर रही है। उन्होंने भिलाई और दुर्गवासियों को श्रीरामनवमी की शुभकामनाएं भी दीं।
भिलाई में श्रीरामनवमी के पावन अवसर पर श्रीरामलीला मैदान, पावर हाउस में 41वां भव्य श्रीराम जन्मोत्सव महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहर पूरी तरह भगवामय नजर आया, जहां चारों दिशाओं से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवा ध्वज और जय श्रीराम के उद्घोष के साथ शामिल हुए। श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रभु श्रीराम के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रखंडों से आई आकर्षक झांकियां और भव्य शोभायात्राएं मुख्य आकर्षण रहीं। लेजर लाइट शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को और भी भव्य और भक्तिमय बना दिया।
इस आयोजन की सबसे खास बात जनसहयोग से तैयार किया गया महाप्रसाद रहा। “एक मुट्ठी दान, श्रीराम के नाम” अभियान के तहत भिलाई के लगभग एक लाख परिवारों से एकत्रित अन्न से महाप्रसाद तैयार किया गया, जिसे ग्रहण करने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। इस पहल ने समाज में एकता और सहभागिता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस और छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समिति के युवा अध्यक्ष मनीष पांडेय ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज को जोड़ना और घर-घर में राम नाम का संकल्प जगाना है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हर घर से राम निकलने चाहिए, यही इस आयोजन की भावना है।
वहीं, समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पांडेय ने बताया कि वर्ष 1986 से शुरू हुआ यह आयोजन आज पूरे प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है। 41 वर्षों से निरंतर चल रही यह परंपरा समाज को एकजुट करने का कार्य कर रही है। उन्होंने भिलाई और दुर्गवासियों को श्रीरामनवमी की शुभकामनाएं भी दीं।
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