एलपीजी को लेकर संकट नहीं, लेकिन इंपोर्ट पर निर्भरता ज्यादा; सरकार ने पीएनजी अपनाने पर दिया जोर

नई दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी (रसोई गैस) की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय के अनुसार सभी वितरण केंद्रों पर एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है, लेकिन दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की ओर शिफ्ट होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने बताया कि पिछले 25 दिनों में 25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि करीब 22 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में स्विच कर चुके हैं। इसके अलावा 25 लाख नए आवेदन भी प्राप्त हुए हैं, जो पीएनजी की बढ़ती मांग को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि देशभर में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और ऑनलाइन बुकिंग भी सुचारू रूप से चल रही है। लगभग 26 राज्यों में 22,000 टन व्यावसायिक एलपीजी का आवंटन किया गया है। सरकार और तेल कंपनियों के संयुक्त प्रयासों से हाल ही में करीब 30,000 से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए। साथ ही, केरोसिन को वैकल्पिक ईंधन के रूप में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त आवंटन दिया गया है।

सरकार कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए भी सख्त कदम उठा रही है। हाल ही में विभिन्न राज्यों में करीब 2700 छापेमारी कर लगभग 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति 100% सुनिश्चित की जा रही है। कई कंपनियां उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए ₹500 तक की छूट और सुरक्षा जमा में राहत जैसी सुविधाएं दे रही हैं। सरकार ने पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए नई अधिसूचना जारी कर आवेदन प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध बनाया है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि एलपीजी के मामले में भारत की आयात निर्भरता पीएनजी की तुलना में कहीं अधिक है। पीएनजी का करीब 50% उत्पादन देश में ही होता है, इसलिए इसका उपयोग बढ़ाना राष्ट्रीय हित में माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर घर तक गैस सुविधा पहुंचे—चाहे वह एलपीजी हो या पीएनजी।

इसी बीच, जहाजरानी मंत्रालय ने भी जानकारी दी कि समुद्री गतिविधियां पूरी तरह सामान्य हैं। फारस की खाड़ी में भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं और हाल ही में 50 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है। प्रमुख बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य है और मुंद्रा बंदरगाह सहित कई पोर्ट्स पर व्यापार को सुगम बनाने के लिए विशेष रियायतें दी जा रही हैं।

सरकार का फोकस अब ऊर्जा सुरक्षा, पारदर्शिता और उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प देने पर है, जिसमें पीएनजी को भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जा रहा है।

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