पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी।कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए एक स्वतंत्र और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक राजनीतिक विजन का हिस्सा है।ओवैसी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय के पास स्वतंत्र नेतृत्व नहीं है, वहां सामाजिक, आर्थिक और मानव विकास के स्तर काफी कमजोर हैं। उन्होंने इसे विकास और नेतृत्व के बीच “जैविक संबंध” बताया।इस बीच, हुमायूं कबीर ने भी इस गठबंधन को मजबूत बताते हुए ओवैसी को अपना “बड़ा भाई” कहा और संयुक्त अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि राज्यभर में लगभग 20 रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल को बहरामपुर से होगी।सीट बंटवारे को लेकर कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें से करीब 8 सीटें AIMIM को दी जाएंगी। दोनों नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह साझेदारी सिर्फ 2026 चुनाव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भी जारी रहेगी।पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में AIMIM-JUP गठबंधन राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) हुमायूं कबीर की जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी।
कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए एक स्वतंत्र और मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक राजनीतिक विजन का हिस्सा है।
ओवैसी ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय के पास स्वतंत्र नेतृत्व नहीं है, वहां सामाजिक, आर्थिक और मानव विकास के स्तर काफी कमजोर हैं। उन्होंने इसे विकास और नेतृत्व के बीच “जैविक संबंध” बताया।
इस बीच, हुमायूं कबीर ने भी इस गठबंधन को मजबूत बताते हुए ओवैसी को अपना “बड़ा भाई” कहा और संयुक्त अभियान की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि राज्यभर में लगभग 20 रैलियां आयोजित की जाएंगी, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल को बहरामपुर से होगी।
सीट बंटवारे को लेकर कबीर ने बताया कि उनकी पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें से करीब 8 सीटें AIMIM को दी जाएंगी। दोनों नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह साझेदारी सिर्फ 2026 चुनाव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भी जारी रहेगी।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। ऐसे में AIMIM-JUP गठबंधन राज्य की राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है।
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