धमतरी में नीलगाय का अवैध शिकार: डॉग स्क्वॉड की मदद से मुख्य आरोपी सहित कई गिरफ्तार

धमतरी के वनमंडल अंतर्गत केरेगांव वन परिक्षेत्र में नीलगाय के अवैध शिकार का मामला सामने आने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। 22 मार्च 2026 की सुबह गश्ती दल को बासीखाई बीट के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक-121 में एक नर नीलगाय मृत अवस्था में मिला। जांच के दौरान नीलगाय के शरीर पर तीर के निशान पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि शिकार सुनियोजित तरीके से किया गया था।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। घटनास्थल से तीर सहित कई अहम साक्ष्य बरामद किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से विशेष डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया।

डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर ट्रैकिंग करते हुए टीम को ग्राम डोकाल तक पहुंचाया, जहां मुख्य आरोपी मन्नू के घर की पहचान की गई। पूछताछ में आरोपी के खिलाफ शिकार से जुड़े पुख्ता साक्ष्य मिलने पर उसे तथा अन्य संलिप्त शिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।

डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने बताया कि जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा उड़नदस्ता स्ट्राइक फोर्स, गुप्तचर तंत्र और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वन्यजीवों के शिकार या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है।

Comments (0)

    Pls Add Data.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *