छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक गर्व भरी खबर सामने आई है, जहां की शिक्षिका एनुका सार्वा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नई दिल्ली में आयोजित म्यूजिक, डांस एवं मोनो प्ले प्रतियोगिता में उन्होंने लोक नृत्य श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई, जिसमें देशभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 20 से 25 मार्च तक चली इस प्रतियोगिता का आयोजन चाणक्यपुरी स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुआ, जहां एनुका सार्वा ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति को मंच पर शानदार ढंग से प्रस्तुत किया।एनुका सार्वा डौंडी लोहारा स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भौतिक शास्त्र की व्याख्याता हैं। शिक्षा के साथ-साथ कला के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि रही है। वे शास्त्रीय नृत्य ‘ओडिसी’ में भी प्रशिक्षित हैं और कई राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं।उनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से हुआ, जो महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित की गई थी। यहां विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद उन्हें लोक नृत्य श्रेणी के लिए चुना गया था।एनुका की इस उपलब्धि से उनके विद्यालय और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्राचार्य वी.के. भंडारी सहित अन्य शिक्षकों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है।एनुका सार्वा को इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता सियाराम सार्वा, जो पेंशनर समाज के अध्यक्ष हैं, ने 40 वर्षों तक शासकीय सेवा दी है। परिवार से मिली प्रेरणा और समर्थन ने ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की शक्ति दी।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक गर्व भरी खबर सामने आई है, जहां की शिक्षिका एनुका सार्वा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नई दिल्ली में आयोजित म्यूजिक, डांस एवं मोनो प्ले प्रतियोगिता में उन्होंने लोक नृत्य श्रेणी में प्रथम स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई, जिसमें देशभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 20 से 25 मार्च तक चली इस प्रतियोगिता का आयोजन चाणक्यपुरी स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुआ, जहां एनुका सार्वा ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक संस्कृति को मंच पर शानदार ढंग से प्रस्तुत किया।
एनुका सार्वा डौंडी लोहारा स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भौतिक शास्त्र की व्याख्याता हैं। शिक्षा के साथ-साथ कला के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि रही है। वे शास्त्रीय नृत्य ‘ओडिसी’ में भी प्रशिक्षित हैं और कई राष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं।
उनका चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के माध्यम से हुआ, जो महंत घासीदास संग्रहालय में आयोजित की गई थी। यहां विभिन्न जिलों के प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद उन्हें लोक नृत्य श्रेणी के लिए चुना गया था।
एनुका की इस उपलब्धि से उनके विद्यालय और पूरे जिले में खुशी का माहौल है। विद्यालय के प्राचार्य वी.के. भंडारी सहित अन्य शिक्षकों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया है।
एनुका सार्वा को इस मुकाम तक पहुंचाने में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता सियाराम सार्वा, जो पेंशनर समाज के अध्यक्ष हैं, ने 40 वर्षों तक शासकीय सेवा दी है। परिवार से मिली प्रेरणा और समर्थन ने ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की शक्ति दी।
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