शिरडी में राम नवमी उत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और पूरा शहर भक्ति और उल्लास के रंग में रंग चुका है। राम नवमी के इस पावन अवसर पर देशभर से साईं भक्त बड़ी संख्या में शिरडी पहुंच रहे हैं। इस वर्ष साईं संस्थान को 100 से अधिक पालकियों के आगमन की उम्मीद है, जिससे उत्सव की भव्यता और भी बढ़ने वाली है।हर साल की तरह इस बार भी मुंबई सहित कई शहरों से श्रद्धालु पैदल पालकी यात्रा निकालकर शिरडी पहुंच रहे हैं। कई भक्त अपनी यात्रा गुड़ी पड़वा से पहले ही शुरू कर चुके हैं और तपती धूप के बावजूद साईं बाबा के प्रति अटूट आस्था के साथ यह कठिन यात्रा पूरी कर रहे हैं। कुछ श्रद्धालु तो नंगे पैर ही सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, जो उनकी गहरी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।शिरडी साईं बाबा संस्थान द्वारा इन पालकियों का भव्य स्वागत किया जा रहा है। नासिक-सिन्नर रोड पर संस्थान की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जहां पैदल यात्रा कर रहे भक्तों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरख गादिलकर और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भीमराज दराडे ने स्वयं पालकी समूहों का स्वागत किया और भक्तों के साथ संवाद भी किया। परंपरा को निभाते हुए दोनों अधिकारियों ने कुछ दूरी तक पालकी यात्रा में पैदल चलकर भाग लिया, जिससे भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।इस दौरान विधि-विधान से पालकी की पूजा भी की गई, जिसमें गोरख गादिलकर और उनकी पत्नी वंदना गादिलकर शामिल रहीं। उनकी इस पहल का श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।राम नवमी के अवसर पर शिरडी में हर साल लाखों श्रद्धालु साईं बाबा के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और परंपरा का एक जीवंत प्रतीक बन चुका है।
शिरडी में राम नवमी उत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं और पूरा शहर भक्ति और उल्लास के रंग में रंग चुका है। राम नवमी के इस पावन अवसर पर देशभर से साईं भक्त बड़ी संख्या में शिरडी पहुंच रहे हैं। इस वर्ष साईं संस्थान को 100 से अधिक पालकियों के आगमन की उम्मीद है, जिससे उत्सव की भव्यता और भी बढ़ने वाली है।
हर साल की तरह इस बार भी मुंबई सहित कई शहरों से श्रद्धालु पैदल पालकी यात्रा निकालकर शिरडी पहुंच रहे हैं। कई भक्त अपनी यात्रा गुड़ी पड़वा से पहले ही शुरू कर चुके हैं और तपती धूप के बावजूद साईं बाबा के प्रति अटूट आस्था के साथ यह कठिन यात्रा पूरी कर रहे हैं। कुछ श्रद्धालु तो नंगे पैर ही सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करते हैं, जो उनकी गहरी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।
शिरडी साईं बाबा संस्थान द्वारा इन पालकियों का भव्य स्वागत किया जा रहा है। नासिक-सिन्नर रोड पर संस्थान की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जहां पैदल यात्रा कर रहे भक्तों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरख गादिलकर और उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी भीमराज दराडे ने स्वयं पालकी समूहों का स्वागत किया और भक्तों के साथ संवाद भी किया। परंपरा को निभाते हुए दोनों अधिकारियों ने कुछ दूरी तक पालकी यात्रा में पैदल चलकर भाग लिया, जिससे भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।
इस दौरान विधि-विधान से पालकी की पूजा भी की गई, जिसमें गोरख गादिलकर और उनकी पत्नी वंदना गादिलकर शामिल रहीं। उनकी इस पहल का श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
राम नवमी के अवसर पर शिरडी में हर साल लाखों श्रद्धालु साईं बाबा के दर्शन के लिए उमड़ते हैं। यह उत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आस्था, समर्पण और परंपरा का एक जीवंत प्रतीक बन चुका है।
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