पंजाब में एक अधिकारी की आत्महत्या के मामले ने बड़ा सियासी रूप ले लिया है। लालजीत सिंह भुल्लर सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद की गई है, जिन्होंने अमृतसर में कथित तौर पर यह कदम उठाया।पुलिस ने इस मामले में भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह को भी आरोपी बनाया है। यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया। FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज की गई है।घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रंधावा कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आए कि वे मंत्री के दबाव और डर के कारण यह कदम उठा रहे हैं। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर उत्पीड़न किया जा रहा था। हालांकि लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।इस मामले में सियासी दबाव बढ़ने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा। इसके बाद भुल्लर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार ने उनके पास मौजूद परिवहन और जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपने का फैसला किया है।विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। आरोप है कि रंधावा पर दबाव डालकर गोदाम का टेंडर दिलाने और कथित रिश्वत मामले में स्वीकारोक्ति कराने की कोशिश की गई थी। एक अन्य आरोप के मुताबिक, रंधावा को 13 मार्च को भुल्लर के घर बुलाकर उनके साथ मारपीट और अपमान भी किया गया।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सभी आरोपों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
पंजाब में एक अधिकारी की आत्महत्या के मामले ने बड़ा सियासी रूप ले लिया है। लालजीत सिंह भुल्लर सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद की गई है, जिन्होंने अमृतसर में कथित तौर पर यह कदम उठाया।
पुलिस ने इस मामले में भुल्लर के पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और उनके निजी सहायक दिलबाग सिंह को भी आरोपी बनाया है। यह मामला अमृतसर के रणजीत एवेन्यू थाने में रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया। FIR भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत दर्ज की गई है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें रंधावा कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आए कि वे मंत्री के दबाव और डर के कारण यह कदम उठा रहे हैं। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर उत्पीड़न किया जा रहा था। हालांकि लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
इस मामले में सियासी दबाव बढ़ने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए और भुल्लर से पद छोड़ने को कहा। इसके बाद भुल्लर ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार ने उनके पास मौजूद परिवहन और जेल विभाग किसी अन्य मंत्री को सौंपने का फैसला किया है।
विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। आरोप है कि रंधावा पर दबाव डालकर गोदाम का टेंडर दिलाने और कथित रिश्वत मामले में स्वीकारोक्ति कराने की कोशिश की गई थी। एक अन्य आरोप के मुताबिक, रंधावा को 13 मार्च को भुल्लर के घर बुलाकर उनके साथ मारपीट और अपमान भी किया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सभी आरोपों की गहराई से पड़ताल की जा रही है। यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
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