छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चरचा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के विवाद में बेटों ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। इस घटना ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है, जिसमें जिन बेटों को पिता ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उन्हीं ने संपत्ति के लालच में उनकी जान ले ली।पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी को अरविंद राजवाड़े (27 वर्ष), निवासी ग्राम खरवट ऊपरपारा ने अपने पिता शोभाराम राजवाड़े के लापता होने और बाद में मोहाड़ी तालाब में शव मिलने की सूचना दी थी। प्रारंभिक जांच में मामला डूबने का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस को शक होने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और विसरा सुरक्षित रखा गया।शुरुआती जांच और एफएसएल रिपोर्ट में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने मामले की दोबारा गहन जांच की। इस दौरान यह खुलासा हुआ कि मृतक की मौत डूबने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने मृतक के दोनों बेटों से अलग-अलग पूछताछ की।सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों बेटों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता अपनी 2 एकड़ जमीन बेचना चाहते थे, जिससे वे नाराज थे। इसी बात को लेकर उन्होंने 15 जनवरी को अपने पिता का गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को तालाब में फेंक दिया। अगले दिन 16 जनवरी को खुद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि मामला संदिग्ध न लगे।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुर्रे के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे और एसडीओपी राजेश साहू के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए 21 मार्च 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि संपत्ति के लालच में रिश्तों की कीमत कितनी गिरती जा रही है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चरचा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के विवाद में बेटों ने अपने ही पिता की हत्या कर दी। इस घटना ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है, जिसमें जिन बेटों को पिता ने पाल-पोसकर बड़ा किया, उन्हीं ने संपत्ति के लालच में उनकी जान ले ली।
पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी को अरविंद राजवाड़े (27 वर्ष), निवासी ग्राम खरवट ऊपरपारा ने अपने पिता शोभाराम राजवाड़े के लापता होने और बाद में मोहाड़ी तालाब में शव मिलने की सूचना दी थी। प्रारंभिक जांच में मामला डूबने का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस को शक होने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया और विसरा सुरक्षित रखा गया।
शुरुआती जांच और एफएसएल रिपोर्ट में कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने मामले की दोबारा गहन जांच की। इस दौरान यह खुलासा हुआ कि मृतक की मौत डूबने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस ने मृतक के दोनों बेटों से अलग-अलग पूछताछ की।
सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों बेटों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता अपनी 2 एकड़ जमीन बेचना चाहते थे, जिससे वे नाराज थे। इसी बात को लेकर उन्होंने 15 जनवरी को अपने पिता का गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को तालाब में फेंक दिया। अगले दिन 16 जनवरी को खुद ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि मामला संदिग्ध न लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रवि कुर्रे के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे और एसडीओपी राजेश साहू के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए 21 मार्च 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि संपत्ति के लालच में रिश्तों की कीमत कितनी गिरती जा रही है।
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