रायपुर और दुर्ग के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर खारून नदी पर बने प्रमुख पुल पर 1 अप्रैल 2026 से मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा, जो लगभग एक महीने तक चलेगा। लंबे समय से जर्जर हो चुके इस पुल को बारिश के मौसम से पहले दुरुस्त करने की तैयारी की गई है।शनिवार को ट्रैफिक डीसीपी विवेक शुक्ला और यातायात एसीपी सतीश ठाकुर सहित कई अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार यह पुल दुर्ग और रायपुर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जहां प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित होना तय है और दोनों ओर जाम की स्थिति बन सकती है।यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया है। दुर्ग से रायपुर की ओर आने वाले वाहन चालकों को सेलूद-पाटन-अभनपुर मार्ग, सेलूद-फूंडा-जामगांव-अमलेश्वर मार्ग और सिरसा गेट-मोतीपुर-अमलेश्वर मार्ग जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा। वहीं कुम्हारी और अहिवारा से आने वाले वाहन चालकों को उरला-खमरिया-अमलेश्वर मार्ग से होकर गुजरना होगा।मरम्मत कार्य के दौरान कुम्हारी टोल से चंदनीडीह तक वन-वे ट्रैफिक लागू रहेगा। रायपुर से दुर्ग जाने वाले कार और बाइक चालक चंदनीडीह से पुराने पुल का उपयोग कर कुम्हारी टोल तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा भाठागांव और रायपुरा से अमलेश्वर-मोतीपुर मार्ग का उपयोग भी सुझाया गया है।ट्रैफिक पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे डायवर्ट किए गए मार्गों का पालन करें और जरूरी काम जैसे एयरपोर्ट, अस्पताल, रेलवे स्टेशन या परीक्षाओं के लिए समय से पहले घर से निकलें। साथ ही वन-वे मार्ग पर ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों एवं पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
रायपुर और दुर्ग के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 (NH-53) पर खारून नदी पर बने प्रमुख पुल पर 1 अप्रैल 2026 से मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा, जो लगभग एक महीने तक चलेगा। लंबे समय से जर्जर हो चुके इस पुल को बारिश के मौसम से पहले दुरुस्त करने की तैयारी की गई है।
शनिवार को ट्रैफिक डीसीपी विवेक शुक्ला और यातायात एसीपी सतीश ठाकुर सहित कई अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार यह पुल दुर्ग और रायपुर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है, जहां प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित होना तय है और दोनों ओर जाम की स्थिति बन सकती है।
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया है। दुर्ग से रायपुर की ओर आने वाले वाहन चालकों को सेलूद-पाटन-अभनपुर मार्ग, सेलूद-फूंडा-जामगांव-अमलेश्वर मार्ग और सिरसा गेट-मोतीपुर-अमलेश्वर मार्ग जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा। वहीं कुम्हारी और अहिवारा से आने वाले वाहन चालकों को उरला-खमरिया-अमलेश्वर मार्ग से होकर गुजरना होगा।
मरम्मत कार्य के दौरान कुम्हारी टोल से चंदनीडीह तक वन-वे ट्रैफिक लागू रहेगा। रायपुर से दुर्ग जाने वाले कार और बाइक चालक चंदनीडीह से पुराने पुल का उपयोग कर कुम्हारी टोल तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा भाठागांव और रायपुरा से अमलेश्वर-मोतीपुर मार्ग का उपयोग भी सुझाया गया है।
ट्रैफिक पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे डायवर्ट किए गए मार्गों का पालन करें और जरूरी काम जैसे एयरपोर्ट, अस्पताल, रेलवे स्टेशन या परीक्षाओं के लिए समय से पहले घर से निकलें। साथ ही वन-वे मार्ग पर ओवरटेकिंग से बचने और यातायात संकेतों एवं पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
Your email address will not be published. Required fields are marked *