RG Kar Medical College and Hospital में एक दर्दनाक लिफ्ट हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता स्थित इस सरकारी अस्पताल में अरूप बंद्योपाध्याय नामक व्यक्ति की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई। वह अपनी पत्नी और घायल बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे, लेकिन यह यात्रा एक दुखद हादसे में बदल गई।घटना गुरुवार देर रात की है, जब परिवार ट्रॉमा केयर सेंटर (पांचवीं मंजिल) की ओर जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट अचानक बेसमेंट में चली गई और अंदर मौजूद लोग फंस गए। कुछ समय बाद लिफ्ट का दरवाजा खुला, जिससे पत्नी और बेटा बाहर निकल सके, लेकिन अरूप अंदर ही फंसे रह गए। काफी देर तक मदद नहीं मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और बाहर निकालने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन लिफ्ट ऑपरेटरों और दो सुरक्षा गार्डों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को सियालदह कोर्ट में पेश किया जाएगा।पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय सुरक्षा और तकनीकी लापरवाही के संकेत मिले हैं। परिवार का आरोप है कि मदद के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समय पर कोई सहायता नहीं पहुंची। अब पुलिस इस पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भी जांच कर रही है।
RG Kar Medical College and Hospital में एक दर्दनाक लिफ्ट हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता स्थित इस सरकारी अस्पताल में अरूप बंद्योपाध्याय नामक व्यक्ति की लिफ्ट में फंसने से मौत हो गई। वह अपनी पत्नी और घायल बेटे को इलाज के लिए अस्पताल लाए थे, लेकिन यह यात्रा एक दुखद हादसे में बदल गई।
घटना गुरुवार देर रात की है, जब परिवार ट्रॉमा केयर सेंटर (पांचवीं मंजिल) की ओर जा रहा था। इसी दौरान लिफ्ट अचानक बेसमेंट में चली गई और अंदर मौजूद लोग फंस गए। कुछ समय बाद लिफ्ट का दरवाजा खुला, जिससे पत्नी और बेटा बाहर निकल सके, लेकिन अरूप अंदर ही फंसे रह गए। काफी देर तक मदद नहीं मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई और बाहर निकालने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन लिफ्ट ऑपरेटरों और दो सुरक्षा गार्डों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को सियालदह कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय सुरक्षा और तकनीकी लापरवाही के संकेत मिले हैं। परिवार का आरोप है कि मदद के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समय पर कोई सहायता नहीं पहुंची। अब पुलिस इस पूरे मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भी जांच कर रही है।
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