रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी, जहां विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाएंगे और मंत्री जवाब देंगे। यह प्रक्रिया सरकार की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण मंच होती है।आज सदन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वार्षिक रिपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए जाएंगे। साथ ही रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर चर्चा होने की संभावना है।नियम 138 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और भारी वाहनों के संचालन का मुद्दा उठेगा। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और रोजगार में अनियमितताओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विधायकों द्वारा जनहित से जुड़े कई मुद्दे जैसे खेल अकादमी की स्थापना, सड़क-पुल निर्माण, स्कूलों के उन्नयन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग भी रखी जाएगी।इस सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा पेश किया जाने वाला विधेयक है, जो भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए लाया जा रहा है। यह कानून परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।इसके अलावा कर्मचारी चयन मंडल, विनियोग विधेयक 2026, भू-राजस्व संहिता संशोधन, नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन और गृह निर्माण मंडल संशोधन जैसे कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा और पारित होने की संभावना है।एक तरफ सरकार अपने विकास और पारदर्शिता के एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी है, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आज का दिन सदन में तीखी राजनीतिक बहस और टकराव का गवाह बन सकता है।
रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी, जहां विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाएंगे और मंत्री जवाब देंगे। यह प्रक्रिया सरकार की जवाबदेही तय करने का महत्वपूर्ण मंच होती है।
आज सदन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वार्षिक रिपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए जाएंगे। साथ ही रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर चर्चा होने की संभावना है।
नियम 138 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में वन क्षेत्रों में अवैध कटाई और भारी वाहनों के संचालन का मुद्दा उठेगा। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और रोजगार में अनियमितताओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विधायकों द्वारा जनहित से जुड़े कई मुद्दे जैसे खेल अकादमी की स्थापना, सड़क-पुल निर्माण, स्कूलों के उन्नयन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की मांग भी रखी जाएगी।
इस सत्र का सबसे बड़ा आकर्षण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा पेश किया जाने वाला विधेयक है, जो भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए लाया जा रहा है। यह कानून परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा कर्मचारी चयन मंडल, विनियोग विधेयक 2026, भू-राजस्व संहिता संशोधन, नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन और गृह निर्माण मंडल संशोधन जैसे कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा और पारित होने की संभावना है।
एक तरफ सरकार अपने विकास और पारदर्शिता के एजेंडे को आगे बढ़ाने में जुटी है, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। ऐसे में आज का दिन सदन में तीखी राजनीतिक बहस और टकराव का गवाह बन सकता है।
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