युद्धग्रस्त ईरान से भारत लौट रहे 200 से अधिक भारतीय छात्र अजरबैजान की सीमा पर फंस गए हैं। ये छात्र अस्तारा लैंड बॉर्डर चेकपॉइंट पर पिछले कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि अजरबैजान ने बॉर्डर क्रॉसिंग पर रोक लगा दी है।छात्र Islamic Azad University, Tehran University of Medical Sciences और Iran University of Medical Sciences जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। सुरक्षा कारणों से इन्हें बसों के जरिए बॉर्डर तक पहुंचाया गया था, लेकिन अब एंट्री के लिए जरूरी 16-डिजिट एग्जिट कोड नहीं होने के कारण इन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं मिल रही है।स्थिति तब और गंभीर हो गई जब All India Medical Students Association (AIMA) और Jammu and Kashmir Students Association (JKSA) ने बताया कि भारतीय दूतावास और अजरबैजान के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के चलते समस्या बढ़ी है। छात्रों को पहले ही वीजा और फ्लाइट टिकट बुक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब बॉर्डर बंद होने से उनकी फ्लाइट्स छूट रही हैं।विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक करीब 640 भारतीय नागरिक आर्मीनिया और अजरबैजान के रास्ते ईरान से बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, वर्तमान स्थिति में कई छात्र ठंड, बीमारी और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।इस बीच श्रीनगर में छात्रों के माता-पिता बेहद चिंतित हैं। कई परिवारों ने टिकट और वीजा पर हजारों रुपये खर्च किए हैं, जो अब बेकार हो गए हैं। माता-पिता ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि जल्द से जल्द समन्वय स्थापित कर छात्रों को सुरक्षित वापस लाया जाए।
युद्धग्रस्त ईरान से भारत लौट रहे 200 से अधिक भारतीय छात्र अजरबैजान की सीमा पर फंस गए हैं। ये छात्र अस्तारा लैंड बॉर्डर चेकपॉइंट पर पिछले कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि अजरबैजान ने बॉर्डर क्रॉसिंग पर रोक लगा दी है।
छात्र Islamic Azad University, Tehran University of Medical Sciences और Iran University of Medical Sciences जैसे संस्थानों में पढ़ाई कर रहे हैं। सुरक्षा कारणों से इन्हें बसों के जरिए बॉर्डर तक पहुंचाया गया था, लेकिन अब एंट्री के लिए जरूरी 16-डिजिट एग्जिट कोड नहीं होने के कारण इन्हें सीमा पार करने की अनुमति नहीं मिल रही है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब All India Medical Students Association (AIMA) और Jammu and Kashmir Students Association (JKSA) ने बताया कि भारतीय दूतावास और अजरबैजान के अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी के चलते समस्या बढ़ी है। छात्रों को पहले ही वीजा और फ्लाइट टिकट बुक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब बॉर्डर बंद होने से उनकी फ्लाइट्स छूट रही हैं।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक करीब 640 भारतीय नागरिक आर्मीनिया और अजरबैजान के रास्ते ईरान से बाहर निकल चुके हैं। हालांकि, वर्तमान स्थिति में कई छात्र ठंड, बीमारी और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
इस बीच श्रीनगर में छात्रों के माता-पिता बेहद चिंतित हैं। कई परिवारों ने टिकट और वीजा पर हजारों रुपये खर्च किए हैं, जो अब बेकार हो गए हैं। माता-पिता ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि जल्द से जल्द समन्वय स्थापित कर छात्रों को सुरक्षित वापस लाया जाए।
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